

त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक मुख्यमंत्री धामी का ऐतिहासिक रोड शो, आध्यात्मिक आस्था और राजनीतिक ऊर्जा का अद्भुत संगम
रुद्रपुर में आज त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक आयोजित मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami का रोड शो ऐतिहासिक, भव्य और आध्यात्मिक रंगों से सराबोर रहा। पूरा शहर स्वागत की भावना में डूबा नजर आया। पारंपरिक परिधानों में सजे स्त्री-पुरुषों ने फूलों की वर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर उठा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
इस अवसर पर शैल सांस्कृतिक समिति, गोपाल सिंह पटवाल, पर्वतीय समाज समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी, डॉ. एल. एम. उप्रेती, दिनेश बम, हरीश दानाई, डी.के. दानाई, राजेंद्र बोहरा सहित चंद्रा बम, किरण बोहरा, मोहिनी बिष्ट, दीपा मटेला, विनीत लाखेड़ा, ममता त्रिपाठी लक्ष्मी दत्त पंत, नरेंद्र रावत, पी.सी. शर्मा, कांति भाकुनी आदि ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
रोड शो में महापौर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोड़ा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान की। जगह-जगह पुष्प वर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा रुद्रपुर एक उत्सव में परिवर्तित हो गया हो।
यह रोड शो केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा और विकास संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प को जनसमर्थन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड की जनता विकास और आस्था के मार्ग पर एकजुट है। फूलों की वर्षा और जयकारों के बीच यह रोड शो रुद्रपुर के राजनीतिक इतिहास में एक स्मरणीय अध्याय बन गया।
गांधी पार्क में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने आस्था और विकास को एक सूत्र में पिरोते हुए गोलू देवता के पावन धाम का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने गुलज्यू मंदिर का दो बार उच्चारण कर स्पष्ट किया कि सरकार केवल सड़कें ही नहीं बना रही, बल्कि श्रद्धा के मार्ग भी सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री ने मंदिर तक सुदृढ़ सड़क संपर्क और कोटी डोर के निर्माण की बात कहते हुए इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सड़क का जाल देवभूमि की आस्था को जन-जन से जोड़ने का माध्यम है।




