भाईचारा एकता मंच की नगर अध्यक्ष, किच्छा की रेनू रानी द्वारा उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग दर्जा राज्य मंत्री फरजाना बेगम से की गई भेंट केवल एक औपचारिक मुलाकात भर नहीं थी, बल्कि यह समाज में सौहार्द, भाईचारे और महिला सशक्तिकरण की मजबूत होती आवाज का प्रतीक थी। इस अवसर पर भाईचारा एकता मंच का मोमेंटो देकर सम्मानित करना, मंच की ओर से एक खूबसूरत संदेश था कि विचारों और मूल्यों का आदान-प्रदान ही समाज को आगे बढ़ाने का सही मार्ग है।
रेनू रानी स्वयं एक संघर्षशील महिला नेत्री हैं, जो न सिर्फ महिलाओं के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज उठा रही हैं, बल्कि किच्छा के कई सामाजिक व विकासात्मक मुद्दों पर भी सक्रिय हैं। फरजाना बेगम से उनकी विस्तृत बातचीत इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व में हो रही पहलें, सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं।
संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट
विशेष उल्लेखनीय है कि इस प्रतिनिधिमंडल में भाईचारा एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष केपी गंगवार भी उपस्थित थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि मंच केवल महिला मुद्दों तक ही सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। भाईचारा एकता मंच जैसी संस्थाएं, सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और विविधता में एकता को बढ़ावा देने का जो काम कर रही हैं, वह आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
किच्छा जैसे कस्बाई इलाकों में अक्सर विकास की गति धीमी रहती है, खासकर जब बात महिला सशक्तिकरण या अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी की हो। ऐसे में रेनू रानी और फरजाना बेगम की यह मुलाकात एक नई उम्मीद की किरण है। दोनों ही महिला नेता अपने-अपने क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर रही हैं और उनकी यह साझा उपस्थिति एक ऐसा उदाहरण पेश करती है, जिसे पूरे प्रदेश में दोहराया जाना चाहिए।
आज जब समाज में वैचारिक ध्रुवीकरण बढ़ता जा रहा है, भाईचारा एकता मंच जैसे संगठन और इनकी महिला नेतृत्व की यह भूमिका बेहद अहम हो जाती है। जरूरी है कि ऐसी पहलों को न सिर्फ प्रोत्साहन मिले, बल्कि इन्हें व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर और तेज हो सके।
रेनू रानी और फरजाना बेगम की मुलाकात यही सिखाती है कि संवाद, सम्मान और सहयोग से ही समाज के हर हिस्से को जोड़ा जा सकता है। यही भाईचारे की असली परिभाषा है।
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