पूर्वोत्तर भारत के असम राज्य से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को दंग कर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। असम के गुवाहाटी में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो समाज की नजरों से बचने के लिए पिछले लंबे समय से एक साधारण भिखारी होने का नाटक कर रहा था।

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जब पुलिस ने इस तथाकथित भिखारी के ठिकाने पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर खुद आला अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। पुलिस ने आरोपी के घर से अवैध रूप से छुपाकर रखा गया भारी मात्रा में सोना और चांदी बरामद किया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई के तार सीधे तौर पर महाराष्ट्र से जुड़े हुए सामने आए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

भिखारी के घर मिला 54 करोड़ का सोना; सांगली का निकला मुख्य आरोपी

गुवाहाटी पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर जब इस संदिग्ध भिखारी के आवास पर छापा मारा, तो घर के भीतर से कुल 37.064 किलोग्राम शुद्ध सोना बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 54 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूर्वोत्तर भारत के इतिहास में किसी एक ठिकाने से इतनी भारी मात्रा में सोना मिलने का यह अब तक का पहला और सबसे बड़ा मामला है।

पुलिस की गिरफ्त में आए इस फर्जी भिखारी की पहचान 32 वर्षीय अक्षय परशुराम बंसोडे के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले का रहने वाला है, जिसने पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा देने के लिए असम में भेष बदलकर रहना शुरू किया था।

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म्यांमार से मिडिल ईस्ट तक फैला था अंतरराष्ट्रीय तस्करी का नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी अक्षय बंसोडे केवल एक मोहरा नहीं, बल्कि एक बेहद सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय सोने की तस्करी करने वाले रैकेट का बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरा है। उसने जांच एजेंसियों से बचने के लिए गुवाहाटी में एक गुप्त घर खरीदा था, जिसका इस्तेमाल वह विदेशों से लाए जा रहे सोने को सुरक्षित छुपाने के लिए करता था।

इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से म्यांमार की सीमाओं से लेकर मध्य पूर्व के देशों तक फैले एक बेहद सक्रिय और खतरनाक गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह नेटवर्क विदेशी सीमाओं से अवैध रास्ते से भारत में सोने की खेप लाता था और फिर उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में खपाता था।

भिखारी के भेष में पुलिस की आंखों में झोंक रहा था धूल

पुलिस ने बताया कि आरोपी अक्षय बंसोडे ने अपने रहने और उठने-बैठने का तरीका पूरी तरह से एक दरिद्र भिखारी जैसा बना रखा था, ताकि स्थानीय पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को कभी भी उसकी करोड़ों की संदिग्ध गतिविधियों पर कोई शक न हो। वह दिन भर फटे-पुराने कपड़ों में घूमकर रेकी करता था और रात के अंधेरे में सोने की बड़ी खेप को ठिकाने लगाता था।

फिलहाल असम पुलिस ने 54 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषणों को आधिकारिक रूप से जब्त कर लिया है और आरोपी को कड़ा पहरा देते हुए न्यायिक हिरासत में ले लिया है। इस मामले में महाराष्ट्र की सांगली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और मुंबई-पुणे जैसे बड़े शहरों में फैले इसके सह-आरोपियों का पता लगाया जा सके।


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