दीपावली के बाद काम शुरू करने का दावा, रोडवेज के सामने उजड़े कारोबारियों को राहत कब? क्या चुनाव से पहले पूरा होगा निर्माण?
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,
रुद्रपुर। उत्तराखंड में मिशन 2027 की राजनीतिक तैयारियों के बीच रुद्रपुर की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। विधायक शिव अरोरा की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में काशीपुर बाईपास पर दीपावली के बाद निर्माण शुरू करने और त्रिशूल चौक से डीडी चौक तक का काम दीपावली से पहले पूरा करने का लक्ष्य सामने आया है। लेकिन सवाल यह है कि चार साल बाद भी सड़क चौड़ीकरण का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
क्या इस बार जनता को जाम और गड्ढों से मुक्ति मिलेगी या फिर समयसीमा बढ़ाने का सिलसिला जारी रहेगा? मिशन 2027 से पहले क्या सड़क निर्माण सरकार और जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ी चुनौती बनेगा?
रोडवेज के सामने दुकानें उजड़ीं, कारोबारियों को राहत कब?
सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में रोडवेज के सामने दुकानों पर बुलडोजर चलने से प्रभावित कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ है। क्या इन परिवारों के पुनर्वास या वैकल्पिक रोजगार के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है? विकास के नाम पर प्रभावित हुए कारोबारियों की समस्याओं का समाधान कब होगा?
दीपावली के बाद काम, फिर तीन महीने की समयसीमा—क्या भरोसा करें?
विधायक ने अधिकारियों को पेड़ों के कटान, बिजली की लाइनों और जल संस्थान से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डीडी चौक से 31 पीएसी तक निर्माण कार्य तीन महीने में पूरा करने की योजना भी सामने आई है।
लेकिन क्या सभी विभाग समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे? क्या निर्माण की प्रगति सार्वजनिक होगी? यदि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो जवाबदेही किसकी होगी?
मिशन 2027 में जनता पूछेगी विकास का हिसाब?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के गड्ढामुक्त उत्तराखंड के संकल्प के बीच रुद्रपुर की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या चुनाव से पहले सड़क चौड़ीकरण पूरा होगा? क्या जनता को जाम से राहत मिलेगी और प्रभावित दुकानदारों को न्याय मिलेगा?
मिशन 2027 की राह में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या रुद्रपुर को इस बार विकास धरातल पर दिखाई देगा या जनता फिर नई तारीख का इंतजार करेगी?
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मिशन 2027 से पहले रुद्रपुर की सड़कें चमकेंगी या फिर जनता को मिलेगा सिर्फ आश्वासन? चार साल बाद भी चौड़ीकरण का इंतजार क्यों?
