चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले मैच में बांग्लादेश पर शानदार जीत के बाद रविवार (23 फरवरी) को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले बड़े मैच से पहले भारतीय टीम ने जिस तरह से अपनी तैयारियों को अंजाम दिया, उसमें उद्देश्य और दिशा दिखी।

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शुक्रवार को छुट्टी होने पर कुछ खिलाड़ियों फिल्में देखीं तो कुछ ने डिनर किया। लेकिन शनिवार (22 फरवरी) को आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर भारतीय टीम ट्रेनिंग सत्र के लिए एक घंटे पहले पहुंचा, जो आधिकारिक तौर पर दोपहर 1 बजे शुरू होने वाला था।

पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले अक्सर ड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अगर कुछ हुआ तो यह टीम इससे बेखबर दिखी। इसके बजाय उसने अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया। इस बात की कोई चर्चा नहीं थी कि यह कोई खास मैच है या प्रशंसकों का दिल जीतने के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की बेताबी है। इसके बजाय टीम आत्मचिंतन कर रही है। भारत ने भले ही बांग्लादेश को हरा दिया हो, लेकिन 2023 के 50 ओवर के विश्व कप जैसी बेहतरीन टीम बनाने से पहले कुछ पेंच कसने बाकी हैं।

स्पिन और धीमी पिच

पहले मैच में पता चल गया कि दुबई में आगे परिस्थितियां कैसी होंगी। भारतीय टीम को स्पिनर्स के खिलाफ अपने खेल और धीमी पिचों पर बीच के ओवरों में बल्लेबाजी पर काम करना है। विश्व कप में उनका शानदार प्रदर्शन आखिरकार अहमदाबाद में इसी तरह की धीमी पिच पर निराशाजनक रूप खत्म हुआ था। ऐसी ही परिस्थितियों का सामना भारत टूर्नामेंट के आगे कर सकता है। हालांकि, टीम गुरुवार को एक नई पिच पर खेली, लेकिन स्क्वार पहले से ही काफी इस्तेमाल किया हुआ लग रहा है। दुबई में सर्दी से वसंत की ओर बढ़ने के साथ बढ़ते तापमान के कारण स्पिनर्स खतरनाक हो सकते हैं।

एकदिवसीय प्रारूप में ढलने की कोशिश

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत ने विश्व कप के बाद से केवल 9 एकदिवसीय मैच खेले थे और शुभमन गिल ने कहा कि वे अभी भी इस प्रारूप में ढलने की कोशिश कर रही है। गिल ने कहा, ” 50 ओवर के क्रिकेट का प्रारूप ऐसा है कि हमें लगता है कि हमारे पास कम समय है और हमें खेल पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन जब कोई बल्लेबाज आउट हो जाता है, तो उसे पता चलता है कि उसके पास वास्तव में बहुत समय था। हमें इस प्रारूप में उतने मैच नहीं खेलने को मिलते जितने हम टी20 और टेस्ट मैच खेलते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप जो भी निर्णय ले रहे हैं, आप उसे बहुत संतुलित दिमाग से लें। अगर आप अतिरिक्त जोखिम लेने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको एक बार स्कोर बोर्ड जरूर देखना चाहिए। लेकिन आम तौर पर एक बल्लेबाज के रूप में हम मोमेंटम के अनुसार खेलते रहें।”

कोहली 2 घंटा पहले पहुंचे

परिणामस्वरूप भारतीय टीम ने प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से ही सक्रियता दिखाई है। इस मामले में विराट कोहली सबसे आगे हैं, जिनका स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष जगजाहिर है। पिछले 6 वनडे में उन्हें स्पिनरों ने आउट किया है। पांच बार लेग स्पिनरों ने और एक बार बाएं हाथ के स्पिनर ने। बांग्लादेश के खिलाफ भी रिशाद हुसैन के खिलाफ आउट होने से पहले उन्हें लय हासिल करने में दिक्कत हुई। वह शनिवार को निर्धारित समय से दो घंटे पहले नेट सत्र के लिए पहुंचने वाले भारतीय टीम के पहले सदस्य थे।

कोहली ने स्पिनर्स का किया सामना

कोहली बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक और थ्रोडाउन विशेषज्ञ रघु और सेनेविरत्ने के साथ आए। कुछ थ्रोडाउन लेने के बाद उन्होंने अगले कुछ घंटों तक तीन स्थानीय नेट गेंदबाजों- एक ऑफ स्पिनर, एक लेग स्पिनर और एक बाएं हाथ के स्पिनर का सामना किया। बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना मुश्किल होने की संभावना के कारण उन्होंने अपने हाथों फ्री करने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय गेंद की पिच पर पहुंचने पर अधिक ध्यान दिया। एक बार जब उनके साथी एकेडमी पहुंचे तो कोहली ने तेज गेंदबाजों का सामना किया।

पॉइंट की ओर खेलने पर फोकस

भारत के निचले क्रम के खिलाड़ी नेट सेशन पर आए तो विराट कोहली एक बार फिर थ्रोडाउन लेने लगे। ड्राइव पर फोकस कर रहे थे। मिड ऑफ पर एक फील्डर को तैनात करके शॉट खेलने का प्रयास किया। उन्होंने पॉइंट क्षेत्र की फिर गैप खोजने की कोशिश में स्क्वायर की ओर शॉट खेले। सेशन खत्म होने के बाद कोहली फिर से नेट्स पर चले गए।

भारत के मिडिल ऑर्डर का अभ्यास

कोहली ने स्पिनर्स के खिलाफ होमवर्क किया तो श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा ने बीच के ओवरों में खेलने पर प्रयास किया। पिछले साल श्रीलंका में इसी तरह की परिस्थितियों में मध्यक्रम बीच के ओवरों में फंसा था। भारतीय टीम तीनों मैच हार गई। बल्लेबाजों का प्रदर्शन बार-बार सवालों के घेरे में रहा। ऐसी पिचों पर मध्यक्रम ने सावधानी और आक्रामकता में संतुलन दिखाने के बजाय किसी तरह निकलने की कोशिश की, जिसमें उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली।

पाकिस्तान की चुनौती के लिए तैयार

श्रेयस, अक्षर और राहुल ने जोखिम रहित शॉट और गेंद की लाइन में आकर बड़े शॉट खेले। राहुल और पांड्या बार-बार फ्रंट लेग को क्लियर करके शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ गेंदों पर मिड-विकेट बाउंड्री को निशाना बनाते दिखे, जिसे हारिस रऊफ आमतौर पर बीच के ओवरों में इस्तेमाल करते हैं। यदि तैयारियों पर गौर करें तो भारतीय टीम शांत और आत्मविश्वास में नजर आई। वह पाकिस्तान की चुनौती के लिए तैयार दिखाई दी।


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