उत्तराखंड राज्य में मानसून की विदाई के बाद अब ठंड की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है. देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में 15 और 16 अक्टूबर को मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.

मौसम निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और चमोली समेत कई जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तेज झोंकेदार हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की गंभीर संभावना जताई गई है.

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर

15 अक्टूबर को ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी
मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 के लिए प्रदेश के अधिकांश जिलोंमें आंधी और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है. इस दिन देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल एवं पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई है.

देहरादून और हरिद्वार जिलों में बारिश और आंधी के आसार
राजधानी देहरादून और धर्मनगरी हरिद्वार समेत प्रदेशके मैदानी इलाकों में 15 अक्टूबर को मौसम खासा असरदार रहने वाला है. मौसम निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि 15 तारीख को देहरादून और हरिद्वार के मैदानी जिलों में गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और ओलावृष्टि तापमान में अचानक गिरावट ला सकती हैं, जिससे मैदानी इलाकों में सिहरन और ठंड का अहसास तेजी से बढ़ जाएगा. 16 अक्टूबर को भी यहां कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे.

नैनीताल, अल्मोड़ा में 16 अक्टूबर को दिखेगा सबसे ज्यादा असर
कुमाऊं मंडल के जनपदों में मौसम का प्रभाव 16 अक्टूबर को सबसे अधिक देखने को मिलेगा. नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. मौसम निदेशक के मुताबिक, 15 तारीख को जहां गढ़वाल और मैदानों में मौसमी गतिविधि केंद्रित रहेगी, वहीं 16 तारीख को कुमाऊं क्षेत्र इससे ज्यादा प्रभावित रह सकता है. नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.

उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में बर्फबारी की संभावना
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर भी शुरू होने जा रहा है. 14 अक्टूबर को जहां 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, वहीं 15 और 16 अक्टूबर को यह सीमा घटकर 3500 मीटर तक आ जाएगी. चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के उच्च शिखरों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी देखने को मिलेगी. निचले और घाटी वाले इलाकों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी. इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी और चमोली के बिल्कुल उत्तरी और ऊंचाई वाले इलाकों (3800 मीटर व ऊपर) में हल्की बर्फबारी और छिटपुट बारिश जारी रह सकती है.

पिथौरागढ़-बागेश्वर में 18 अक्टूबर तक बनी रहेगी मौसमी हलचल
पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी 14 से लेकर 18 अक्टूबर तक मौसम का मिला-जुला असर दिखेगा. पिथौरागढ़ में 14 अक्टूबर को छिटपुट हल्की बारिश, 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश व चोटियों पर हिमपात का अनुमान है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 16 तारीख के बाद समूचे राज्य में मौसमी गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी, लेकिन उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे सुदूर उत्तरी जिलों में 17 और 18 अक्टूबर को भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और 3800 मीटर से ऊपर बर्फबारी दर्ज हो सकती है. 19 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा.🌥 मौसम अपडेट