रुद्रपुर। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश की सियासत में अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी 22 अक्टूबर से प्रदेशभर में ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से कांग्रेस जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, शिकायतों और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाएगी। यात्रा के लिए पार्टी ने चार अलग-अलग दलों का गठन किया है, जो प्रदेश के कुमाऊं, गढ़वाल, देहरादून और हरिद्वार क्षेत्रों में जनसंपर्क करेंगे।
कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए उन लोगों से भी आगे आने का आह्वान किया है, जिनके घरों, दुकानों या प्रतिष्ठानों पर भाजपा सरकार के कार्यकाल में बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई हुई है। पार्टी ऐसे लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सामने लाकर न्याय की मांग उठाने की तैयारी में है। हालांकि, बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों के मामलों में संबंधित परिस्थितियों, कानूनी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक आदेशों की अलग-अलग भूमिका हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस के इस आह्वान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
चार दलों के जरिए प्रदेशभर में जनसंपर्क
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजीव महर्षि ने बताया कि न्याय यात्रा के पहले दल का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रकाश जोशी, करन माहरा, भुवन कापड़ी और तिलकराज बेहड़ करेंगे। यह दल 22 अक्टूबर को अल्मोड़ा स्थित गोलज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगा।
23 अक्टूबर को यह दल लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा होते हुए रुद्रपुर पहुंचेगा। इसके बाद 24 अक्टूबर को गदरपुर, बाजपुर और काशीपुर के रास्ते जसपुर में जनसंपर्क किया जाएगा। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ इस दल की यात्रा का समापन प्रस्तावित है।
कुमाऊं क्षेत्र में प्रस्तावित इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, खटीमा, गदरपुर, बाजपुर और काशीपुर जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस जनता से संवाद कर स्थानीय समस्याओं को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश करेगी।
बदरीनाथ से गढ़वाल क्षेत्र में पहुंचेगा दूसरा दल
दूसरे दल का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत सिंह बुटोला करेंगे। यह दल 22 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर के रास्ते रुद्रप्रयाग में जनसंपर्क किया जाएगा।
24 अक्टूबर को सतपुली, दुगड्डा और कोटद्वार में कार्यक्रम होंगे, जबकि 25 अक्टूबर को लैंसडाउन और बीरोंखाल में यात्रा प्रस्तावित है। 26 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। कांग्रेस इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में भी अभियान
तीसरे दल की कमान चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के हाथों में होगी। यह दल 22 अक्टूबर को देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा निकालेगा।
23 अक्टूबर को सहसपुर और विकासनगर, 24 अक्टूबर को चकराता के त्यूनी क्षेत्र में यात्रा और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 25 अक्टूबर को कैंट और धर्मपुर तथा 26 अक्टूबर को ऋषिकेश में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
चौथे दल का नेतृत्व चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत करेंगे। उनके साथ विधायक काजी निजामुद्दीन, ममता राकेश, फुरकान अहमद, रवि बहादुर, वीरेंद्र कुमार जाति और अनुपमा रावत अभियान में भाग लेंगे। यह दल 23 अक्टूबर को हरिद्वार शहर से यात्रा शुरू कर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगा। 24 अक्टूबर को खानपुर, मंगलौर और झबरेड़ा तथा 25 अक्टूबर को भगवानपुर, रुड़की और मंगलौर में कार्यक्रम होंगे। 30 अक्टूबर को लक्सर और ज्वालापुर में यात्रा प्रस्तावित है।
बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों का मुद्दा उठाने की तैयारी
कांग्रेस के इस अभियान में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों और कारोबारियों का मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है। पार्टी ने ऐसे लोगों से सामने आने की अपील की है, जिनके घर या प्रतिष्ठान कार्रवाई की जद में आए हैं। कांग्रेस इस माध्यम से प्रभावित लोगों की शिकायतें सुनने और उनके मामलों को सार्वजनिक चर्चा में लाने की कोशिश कर सकती है।
यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि घर और रोजगार किसी भी परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े होते हैं। किसी भी कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आवास, आजीविका और कानूनी लड़ाई जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, पारदर्शी प्रक्रिया और प्रभावित पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलना जरूरी है।
हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इन मामलों को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है और प्रभावित लोगों की शिकायतों को किस प्रकार संबंधित अधिकारियों या कानूनी मंचों तक पहुंचाती है। केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय ठोस तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर मुद्दे उठाना इस अभियान की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासी परीक्षा
राजीव महर्षि के अनुसार, अन्य विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा घेराव कार्यक्रम के बाद न्याय यात्रा आयोजित की जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, प्रदेश पदाधिकारी और विभिन्न संगठन भी अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान का हिस्सा बनेंगे।
कांग्रेस की यह न्याय यात्रा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि चारों दलों को जनता का कितना समर्थन मिलता है, बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों की शिकायतें कितना स्थान पाती हैं और गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारी किस दिशा में आगे बढ़ती है।
कांग्रेस के सामने चुनौती केवल सरकार पर सवाल उठाने की नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों पर भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत करने की भी होगी। न्याय यात्रा का वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि यह अभियान जनसमस्याओं को कितनी मजबूती से उठाता है और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में क्या परिणाम सामने आते हैं।
