

देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह का आगामी 19 जुलाई को प्रस्तावित रूद्रपुर दौरा निश्चित ही जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा स्पोर्ट्स स्टेडियम रूद्रपुर का स्थलीय निरीक्षण और व्यवस्थाओं का जायजा लेना बताता है कि प्रशासन इस दौरे को लेकर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। विशेष उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी आयोजित करने की योजना है, जिसमें उद्योगपति भी भागीदारी करेंगे। यह संकेत है कि सरकार उद्योग एवं निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है।

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट
हालांकि सवाल यह भी है कि क्या यह दौरा रूद्रपुर और उधम सिंह नगर जैसे औद्योगिक जिलों के बुनियादी मुद्दों पर ठोस समाधान लेकर आएगा, या यह केवल औपचारिकता भर रह जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में कई बड़ी घोषणाएँ हुईं, परंतु ज़मीन पर उनका क्रियान्वयन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। चाहे बात औद्योगिक पार्क्स के विकास की हो, रोजगार सृजन की, या फिर स्थानीय उद्योगों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने की—इन सब पर अमल की गति अक्सर सुस्त रही है।
यह भी उल्लेखनीय है कि उधम सिंह नगर, विशेष रूप से रूद्रपुर, औद्योगिक दृष्टि से उत्तराखण्ड का हृदय कहा जाता है। यहां के उद्योग न केवल राज्य के आर्थिक विकास में बल्कि रोजगार के अवसर सृजित करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परंतु हालिया वर्षों में स्थानीय उद्योगों ने बढ़ती लागत, बुनियादी ढांचे की कमी, और नौकरशाही की बाधाओं की शिकायतें लगातार की हैं। ऐसे में यदि अमित शाह का यह दौरा केवल औद्योगिक प्रदर्शनियों तक सीमित रह जाए, तो यह एक और चूक कहलाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा उद्योग निदेशालय और उद्यमियों से वार्ता का प्रयास सकारात्मक संकेत है। पर यह प्रयास तभी सार्थक होगा जब उससे ठोस नीतिगत निर्णय निकलें, जिनका ज़मीनी असर दिखे। उदाहरण के लिए, छोटे एवं मझोले उद्योगों के लिए आसान वित्तीय सहायता, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने वाली योजनाएं, और ट्रांसपोर्ट, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन तत्काल ज़रूरी है।
गृह मंत्री के आगमन को केवल प्रशासनिक तैयारियों या प्रदर्शनी के मंच तक सीमित न रखते हुए इसे रूद्रपुर की औद्योगिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान का अवसर बनाया जाना चाहिए। इस दौरे से उम्मीद है कि यह क्षेत्र नयी योजनाओं और निवेश की घोषणाओं के साथ-साथ उनकी कड़ाई से निगरानी और क्रियान्वयन की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगा।वरना डर यही है कि यह दौरा भी केवल फोटो खिंचवाने और औपचारिक भाषणों में सिमट कर न रह जाए। रूद्रपुर को आज बड़े वायदों से अधिक, ठोस काम की जरूरत है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अमित शाह का दौरा इस दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।




