
संपादकीय;राजकुमार ठुकराल: रुद्रपुर की राजनीति में नया अध्याय कैसे लिखें?
राजनीति में समय-समय पर बदलाव आते रहते हैं, और एक अनुभवी नेता के लिए यह आवश्यक होता है कि वह बदलते परिदृश्य के अनुसार अपने कदम तय करे। राजकुमार ठुकराल, जो रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय पूर्व विधायक रहे हैं, को अब अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कुछ ठोस रणनीतियाँ अपनानी होंगी।


प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
भाजपा के मोहरे से जननेता बनने का सफर
राजकुमार ठुकराल ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में लंबे समय तक सेवा की, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि किसी भी दल के लिए नेता से अधिक संगठन की प्राथमिकता मायने रखती है। अगर उन्हें संगठन में वह स्थान नहीं मिलता जो वे चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि वे अपनी नई राह खुद बनाएं।
जनता की आवाज बनना सबसे जरूरी
राजनीति में वही नेता सफल होता है जो जनता से सीधे जुड़ा रहता है। राजकुमार ठुकराल को अब पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता के मुद्दों को प्रमुखता देने वाले नेता के रूप में अपनी पहचान बनानी होगी। चाहे वह रुद्रपुर की सड़कें हों, व्यापारियों की समस्याएँ हों, किसानों के मुद्दे हों या युवाओं के रोजगार के अवसर—उन्हें हर वर्ग की आवाज बनना होगा।
स्वतंत्र या नए राजनीतिक विकल्प की ओर बढ़ना?
यदि भाजपा में उनकी भूमिका सीमित हो गई है, तो उनके पास कुछ महत्वपूर्ण विकल्प हैं:
- स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना – यदि वे जनता में अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं, तो बिना किसी पार्टी के भी एक मजबूत उम्मीदवार बन सकते हैं।
- किसी नए राजनीतिक दल में शामिल होना – उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी बढ़ रही है।दलों में शामिल होकर वे अपने समर्थकों के साथ नई राह बना सकते हैं।
- स्वयं का जन आंदोलन खड़ा करना – यदि वे रुद्रपुर और उधम सिंह नगर में अपने समर्थकों को एकजुट कर कोई नई रणनीति अपनाते हैं, तो उनकी स्वतंत्र पहचान और राजनीतिक प्रभाव और भी बढ़ सकता है।
युवाओं और व्यापारियों से जुड़ाव
राजकुमार ठुकराल का बड़ा समर्थन व्यापारी वर्ग और युवा मतदाताओं में है। उन्हें डिजिटल माध्यमों और सामाजिक आंदोलनों का उपयोग करते हुए इन दोनों वर्गों के लिए कार्य करना चाहिए। ऑनलाइन अभियान, जनसंवाद कार्यक्रम और धरातल पर मजबूत उपस्थिति से वे जनता के बीच अपनी छवि को और मजबूत कर सकते हैं।
जनता भी अपने विचार व्यक्त करे और बताए कि वे राजकुमार ठुकराल को किस भूमिका में देखना चाहते हैं!
