

इस मुकाबले में पंजाब की टीम पहले खेलते हुए सिर्फ 111 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. जवाब में KKR की टीम 95 रन ही बना पाई. आमतौर पर इस मैदान पर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिलते हैं, लेकिन पंजाब की बॉलिंग यूनिट ने छोटा टारगेट होते हुए भी कोलकाता के बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा दिए.

शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)संवाददाता
112 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की शुरुआत बहुत खराब रही. 7 रन के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाज आउट हो चुके थे. क्विंटन डी कॉक ने 2 रन और सुनील नरेन केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए. इस लो-स्कोरिंग मैच में अंगकृष रघुवंशी और कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 55 रनों की साझेदारी कर KKR की जीत की उम्मीद बढ़ाई. रघुवंशी, मैच में कोलकाता के टॉप स्कोरर रहे, जिनके बल्ले से 37 रन निकले. दूसरी ओर रहाणे ने 17 रन बनाए.
सात रन के भीतर गिरे 5 विकेट
KKR ने 112 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय 3 विकेट के नुकसान पर 72 रन बना लिए थे. इसके बाद अंगकृष रघुवंशी के आउट होने से शुरू हुआ सिलसिला रुका ही नहीं और कोलकाता टीम ने महज सात रन के भीतर 5 विकेट गिर गए थे. इस दौरान वेंकटेश अय्यर, रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह और हर्षित राणा का विकेट गिरा. वेंकटेश ने केवल 7 रन और रिंकू सिंह से जब बड़ा स्कोर करने की उम्मीद थी, तब वो सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए.
युजवेंद्र चहल का चक्रव्यूह
KKR की टीम का बुरा हाल करने में सबसे बड़ा योगदान युजवेंद्र चहल का रहा. उन्होंने 4 ओवरों में सिर्फ 28 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट लिए. चहल ने अजिंक्य रहाणे और विशेष रूप से अंगकृष रघुवंशी का विकेट लेकर मैच का रुख पंजाब की ओर मोड़ दिया था. इसके अलावा उन्होंने रिंकू सिंह और रमनदीप सिंह का भी विकेट लिया.




