त्योहारों तक सीमित छापेमारी: रुद्रपुर में खाद्य सुरक्षा पर सवाल, सिंथेटिक दूध और भ्रष्टाचार के सूत्र उजागर

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रुद्रपुर/काशीपुर – खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शनिवार को जिला अभिहित अधिकारी डॉ. प्रकाश फुलारा के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान साबूदाना के तीन सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए। यह कार्रवाई रुद्रपुर और काशीपुर में की गई, जिसमें काशीपुर से वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अर्पणा साह और पवन कुमार तथा रुद्रपुर से अधिकारी आशा आर्या शामिल रहीं। हालांकि इस दौरान कुट्टू का आटा किसी भी प्रतिष्ठान में नहीं मिला।

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)संवाददाता]

लेकिन इस अभियान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी केवल त्योहारों तक सीमित है?

स्थानीय नागरिकों और जागरूक उपभोक्ताओं का कहना है कि रुद्रपुर में सिंथेटिक दूध, पनीर और दही का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। दर्जनों फैक्ट्रियां और घरों में अवैध तरीके से मिलावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो न केवल रुद्रपुर बल्कि पूरे उत्तराखंड में भेजे जा रहे हैं। फिर भी, नियमित छापेमारी नहीं की जाती।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रुद्रपुर में 100 से अधिक दूध उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर सिंथेटिक दूध की भरमार है। बावजूद इसके विभाग की आंखें बंद हैं। यह गंभीर सवाल उठाता है कि क्या खाद्य सुरक्षा के नाम पर छापेमारी भी ‘सेटिंग-गेटिंग’ के खेल का हिस्सा बन चुकी है?

डॉ. फुलारा ने बयान दिया कि बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य सामग्री बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है।

इस पूरे मामले में विभागीय निष्क्रियता और संभावित भ्रष्टाचार की गंध साफ महसूस की जा सकती है। यदि केवल त्योहारों के दौरान ही कार्रवाई होती है तो यह अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह है।

अब वक्त है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार और उच्च प्रशासन सजग हो और रुद्रपुर जैसे शहरों में मिलावटी खाद्य उत्पादों की लगातार निगरानी हो, न कि केवल त्योहारों के समय दिखावे के लिए।


एफडीए का विशेष अभियान, 50 किलो नकली कुट्टू का आटा नष्ट, ब्लिंकिट पर भी कार्रवाई

उत्तराखंड के कई शहरों में अष्टमी के अवसर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया गया। स्

देहरादून में विशेष अभियान के तहत 21 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कांवली रोड पर एक प्रतिष्ठान से 50 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा जब्त कर नष्ट किया गया। स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, चारधाम यात्रा मार्ग पर भी विशेष निगरानी की जा रही है, जहां मोबाइल वैन और अतिरिक्त टीमें तैनात हैं।

कुमाऊं में भी बड़ी कार्रवाई

कुमाऊं मंडल के 84 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच में 10 खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें हल्द्वानी की राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला भेजा गया है।

ऑनलाइन स्टोर्स पर भी शिकंजा

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट से एक्सपायरी खाद्य सामग्री की आपूर्ति की शिकायत पर विभाग की टीम ने दो स्टोर्स पर छापा मारा। दोनों जगहों से बिना निर्माण और समाप्ति तिथि वाले चिप्स पैकेट और एक्सपायरी ब्रेड पाई गई, जिस पर तत्काल नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया।

सिर्फ त्योहारों पर सक्रियता, बाकी समय में खामोशी

हालांकि सवाल यह उठता है कि ये कार्रवाई केवल त्योहारों और सीजन के दौरान ही क्यों होती है? आम दिनों में तो मिलावटखोरी का गोरखधंधा बेरोकटोक चलता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नकली खाद्य पदार्थों के ये अड्डे अक्सर अधिकारियों की मिलीभगत से फल-फूल रहे हैं।

अब वक्त है कि सिस्टम को जगाया जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ सालभर कड़ी निगरानी और कार्रवाई की जाए — ताकि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा न जा सके।




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