

यह प्रक्रिया पिछले दो सालों से जारी है और अब यह अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
सैटेलाइट इंटरनेट के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है नियम
TRAI जल्द ही सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस के लिए रेगुलेटरी ढांचा पेश करने वाली है. इस ढांचे में स्पेक्ट्रम आवंटन, मूल्य निर्धारण और रेवेन्यू पार्टनरशि मॉडल जैसी महत्वपूर्ण बातें शामिल होंगी. एक अधिकारी के अनुसार, TRAI यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ये नियम तेजी से दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा मंजूर किए जाएं ताकि इस पर कोई विवाद न हो.
जून में हो सकती है शुरू
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि TRAI मार्च तक अपनी सिफारिशें सौंप सकती है और एक शॉर्ट कंसल्टेशन पीरियड के बाद, इन्हें डिजिटल कम्युनिकेशन कमिशन द्वारा बिना ज्यादा बदलाव के लागू किया जाएगा. इसके बाद स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें 2-3 महीने लग सकते हैं. जून तक, सैटेलाइट इंटरनेट ऑपरेटर व्यावसायिक रूप से सेवाएं शुरू कर सकते हैं और राजस्व उत्पन्न करने लगेंगे.
सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में बड़ी कंपनियों की भागीदारी
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए तीन प्रमुख कंपनियां तैयार हैं:
1. रिलायंस जियो इन्फोकॉम: इसने फरवरी 2022 में लक्ज़मबर्ग स्थित सैटेलाइट ऑपरेटर SES के साथ ज्वाइंट वेंचर किया था.
2. भारती एयरटेल: एयरटेल ने जनवरी 2022 में Hughes Communications India के साथ साझेदारी में UK की OneWeb के साथ एक डील साइन की थी. 2023 में, फ्रांस की Eutelsat ने OneWeb का अधिग्रहण कर लिया, लेकिन एयरटेल OneWeb की भारतीय शाखा की 100% हिस्सेदारी रखता है.
3. एलन मस्क की स्टारलिंक: यह इस क्षेत्र की तीसरी बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी है, लेकिन भारत सरकार के कड़े नियमों के कारण इसकी प्री-बुकिंग रोक दी गई थी. वर्तमान में, Starlink को भारत में Global Mobile Personal Communication by Satellite (GMPCS) लाइसेंस नहीं मिला है.
सैटेलाइट इंटरनेट कैसे काम करता है?
सैटेलाइट इंटरनेट में सैटेलाइट्स का उपयोग किया जाता है, जो धरती पर मौजूद रिसीवर से जुड़ते हैं. यह रिसीवर मोबाइल फोन या लैपटॉप जैसे उपकरणों को इंटरनेट डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं. भारत सरकार ने 2020 से 2022 के बीच स्पेस सेक्टर को उदार बनाया, जिससे सैटेलाइट स्पेक्ट्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर तक निजी कंपनियों की पहुंच संभव हो सकी.
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का भविष्य
सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सकेगा. यह खासतौर पर उन इलाकों के लिए फायदेमंद होगा, जहां फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क स्थापित करना कठिन है. भारत में इसके शुरू होने से शिक्षा, व्यापार, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा.




