देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पहाड़ से मैदान तक कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग का पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पूर्वानुमान सही साबित हुआ और पंचाचुली की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। कई पर्वतीय जिलों में बारिश के साथ भूस्खलन और सड़क बंद होने की स्थिति सामने आई है।
पंचाचुली में हिमपात, धारचूला में मकानों पर खतरा
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
पिथौरागढ़ जिले में रात के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश हुई, जबकि मंगलवार को कई स्थानों पर हल्के बादलों के बीच धूप भी खिली। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग चौथे दिन भी बंद है और चीन सीमा से संपर्क प्रभावित है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट बैंड में पत्थर गिरने से यातायात बाधित है। जिले में करीब 15 सड़कें बंद होने की सूचना है।
धारचूला तहसील के ताकुल गांव के मल्ला घट्टाबगड़ तोक में भारी बारिश से दो मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। मूंगा देवी और कमला देवी के घरों का आंगन धंसकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे आवासीय भवन भी खतरे की चपेट में आ गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
️ नैनीताल में झील से पानी की निकासी
नैनीताल में मंगलवार को बादल छाए रहे। झील के जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए करीब 18 इंच पानी की निकासी की गई। अल्मोड़ा में बादलों के बीच धूप खिली, लेकिन वर्षा के बाद मलबा आने से तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
चंपावत में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा और धूप खिली। यहां न्यूनतम तापमान करीब 16 तथा अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
⚠️ पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज वर्षा की चेतावनी
देहरादून में मंगलवार सुबह रिमझिम बारिश हुई, दोपहर बाद वर्षा थमी और शाम को धूप भी निकली। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी बारिश और बौछारों का दौर बना रह सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बुधवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं। पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
️ उधम सिंह नगर और रुद्रपुर में भी बदला मौसम
उधम सिंह नगर के मैदानी क्षेत्र में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। रुद्रपुर में मंगलवार को बादल और बीच-बीच में बारिश की संभावना बनी हुई है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार रुद्रपुर में मंगलवार को तापमान लगभग 25 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और हल्की बारिश/बूंदाबांदी के दौर संभव हैं।
रुद्रपुर में सुबह के समय उमस और बादलों का असर रह सकता है, जबकि दिन में धूप और बादलों के बीच मौसम बदलता रहने की संभावना है। ऐसे में जिले के लोगों को मौसम के अचानक बदलने और स्थानीय जलभराव की स्थिति को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पेयजल व्यवस्था को लेकर सीएम धामी सख्त
मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पेयजल और सीवर लाइनों का ऑडिट कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने और दाखिल-खारिज के मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने को कहा गया।
स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारियों को समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करने, साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वे कभी भी सड़क मार्ग से यात्रा कर औचक निरीक्षण कर सकते हैं।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण को भी अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
सीएम ने शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर लिया फीडबैक
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे बात कर समस्याओं के समाधान की स्थिति जानी।
उन्होंने संजय कुमार रावत से फोन पर पूछा कि उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान लंबित है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले में तत्काल कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार की गीता ने बताया कि उनके घर के पास तीन माह पहले पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ हरिद्वार को मौका मुआयना कर तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी की बेबी कोटनाला और देहरादून की शिल्पी सक्सेना से भी बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि शिकायतों में अनावश्यक देरी करने वालों की जवाबदेही तय होगी।
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कई हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी. IMD ने कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है. इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरेगी. मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहना होगा. यात्रा करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि भारी बारिश से सड़कों और विजिबिलिटी (दृश्यता) पर असर पड़ सकता है. उत्तराखंड में कल (14 सितंबर) को भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज की गई थी.
यहां पड़ेंगी छिटपुट बौछारें
IMD का कहना है कि उत्तराखंड में 15 और 16 सितंबर को बादलों की जोरदार गर्जना देखने को मिलेगी. भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का गंभीर खतरा भी बना हुआ है. पहाड़ी हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है. सफर से पहले मौसम विभाग के अपडेट नजर बनाएं रखें. IMD के मुताबिक, 15 सितंबर को राज्य के पर्वतीय जिलों में बेहद सावधान रहने की जरूरत है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 17 सितंबर तक हरिद्वार और उधम सिंह नगर में छिटपुट बौछारें पड़ने से मौसम खुशनुमा हो सकता है. इसके अगले दिन 18 और 19 सितंबर को पूरे प्रदेश में बारिश में कमी देखने को मिलेगी.
