रुद्रपुर। शहर की सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, टूटी सड़कें और अधूरे विकास कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो सामने आया है, जिसमें व्यवस्था पर तंज कसते हुए लोगों से अनोखा प्रयोग करने की अपील की गई है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
उत्तराखंड में सड़कों के गड्ढे, जलभराव, टूटी सड़कें और अधूरे विकास कार्य जनता की परेशानी बने हुए हैं। इसी व्यवस्था पर तंज कसता एक वीडियो सामने आया है, जिसमें व्यंग्यात्मक अंदाज में लोगों से कहा गया है कि जहां सड़क में गड्ढा मिले, पानी भरा हो या विकास अधूरा पड़ा हो, वहां सीमेंट के खाली कट्टे में मिट्टी-कूड़ा भरकर गड्ढे में रख दें और उसके ऊपर डंडे में भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा दें।
जहां सड़क पर गड्ढा हो, पानी भरा हो, सड़क टूटी हो या विकास कार्य अधूरा पड़ा हो, वहां सीमेंट के खाली कट्टे में मिट्टी अथवा कूड़ा-करकट भरकर उसे गड्ढे में रख दिया जाए और उसके ऊपर डंडे में भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा दिया जाए। शायद ऐसा करने से संबंधित नेताओं और जिम्मेदार नेता अधिकारियों की नजर उस गड्ढे पर पड़ जाए और समस्या का समाधान हो जाए
इसके पीछे शहर की बदहाल सड़कों को लेकर उठाया गया गंभीर सवाल साफ दिखाई देता है। नागरिकों का कहना है कि सड़कें आम जनता की रोजमर्रा की जरूरत हैं। गड्ढों और जलभराव के कारण वाहन चालकों, पैदल चलने वालों और स्थानीय दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
राजनीतिक दलों के झंडे और नारों से आगे बढ़कर जनता के बुनियादी मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। जहां सड़क टूटी है, वहां सड़क की मरम्मत और जहां जलभराव है, वहां स्थायी जलनिकासी व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह है कि गड्ढों में लगाए गए इस ‘राजनीतिक झंडे’ से विकास की नजर जनता की समस्याओं पर पड़ती है या फिर गड्ढे पहले की तरह ही विकास की राह देखते रहते हैं।
