हरिद्वार। School Games Federation of India (SGFI) के तत्वावधान में हरिद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में विजडम पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत का परिचय देते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए।
विजडम पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलों को दिए जा रहे महत्व को भी सामने लाती है।
प्रतियोगिता में सरिश ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि समर बोरा ने भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा समीर मेहता कक्षा 12वीं, कृष राज, वैष्णवी राजपूत कक्षा 11वीं, निशा आर्या और लक्षित कक्षा 8वीं तथा करण कक्षा 7वीं ने रजत पदक हासिल किए। वहीं ऋतिक रोशन ने कांस्य पदक जीतकर विद्यालय की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा।
विद्यालय के खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
सरिश — स्वर्ण पदक
समर बोरा, कक्षा 7वीं — स्वर्ण पदक
समीर मेहता, कक्षा 12वीं — रजत पदक
कृष राज — रजत पदक
वैष्णवी राजपूत, कक्षा 11वीं — रजत पदक
निशा आर्या — रजत पदक
लक्षित, कक्षा 8वीं — रजत पदक
करण, कक्षा 7वीं — रजत पदक
ऋतिक रोशन — कांस्य पदक
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर
आज जब उत्तराखंड में अनेक बड़े और नामी-गिरामी स्कूल अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों को लेकर चर्चा में रहते हैं, ऐसे समय में विजडम पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों की राज्य स्तरीय उपलब्धि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या स्कूल की सफलता का पैमाना केवल परीक्षा परिणाम और बड़े-बड़े दावे होने चाहिए?
बच्चों का वास्तविक विकास तब माना जाता है जब उन्हें पढ़ाई के साथ खेल, अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और शारीरिक क्षमता विकसित करने के अवसर भी मिलें। कुश्ती जैसे खेल में राज्य स्तर पर पदक हासिल करना खिलाड़ियों की लगातार मेहनत और विद्यालय में मिल रहे खेल वातावरण की ओर संकेत करता है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
MD गोपाल सिंह पटवाल की सोच को मिली सफलता
विजडम पब्लिक स्कूल के MD गोपाल सिंह पटवाल लगातार बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हैं। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
खेल मैदान में उतरने वाला विद्यार्थी हार-जीत से आगे बढ़कर अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और आत्मविश्वास सीखता है। यही सोच विजडम पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था में खेलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाती है।
राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों की यह सफलता स्कूल प्रबंधन, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और सबसे बढ़कर खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।
बड़े स्कूलों के लिए संदेश
उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित स्कूल हैं और उनके पास बेहतर संसाधन भी हैं। लेकिन विजडम पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय मंच पर जिस तरह अपनी प्रतिभा दिखाई है, उससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि प्रतिभा केवल बड़े नाम और बड़े ब्रांड की मोहताज नहीं होती।
सही मार्गदर्शन, अवसर, अनुशासन और मेहनत मिले तो छोटे-बड़े किसी भी विद्यालय के बच्चे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विजडम पब्लिक स्कूल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बच्चों को केवल कक्षा की चारदीवारी में नहीं, बल्कि शिक्षा और खेल दोनों के मैदान में आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रयास दिखाई देता है।
राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को विद्यालय परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी गईं। अब इन खिलाड़ियों की निगाहें इससे बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने और उत्तराखंड का नाम आगे बढ़ाने पर होंगी।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | रुद्रपुर
अवतार सिंह बिष्ट
