राज्य आंदोलनकारी पार्वती बिष्ट के निधन पर धीरेंद्र प्रताप ने जताया शोक!चिन्हिकरण की अंतिम तिथि नजदीक, चयन समितियों की बैठक नहीं बुलाने पर सरकार पर उठाए सवाल

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रामनगर। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने रामनगर की प्रसिद्ध राज्य आंदोलनकारी पार्वती बिष्ट (80) के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि पार्वती बिष्ट उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन की अग्रणी और जुझारू महिला आंदोलनकारी थीं। उन्होंने अपने जीवन का लंबा समय उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष में लगाया। उन्होंने अनेक सत्याग्रह, जन प्रदर्शनों और धरना-प्रदर्शनों में सक्रिय भागीदारी की तथा आंदोलन के दौरान कई बार गिरफ्तारी भी दी।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


उन्होंने कहा कि पार्वती बिष्ट के निधन से उत्तराखंड ने एक समर्पित और संघर्षशील राज्य आंदोलनकारी को खो दिया है। उनका योगदान राज्य आंदोलन के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा।
चिन्हिकरण को लेकर सरकार पर सवाल
धीरेंद्र प्रताप ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण के मुद्दे पर राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चिन्हिकरण की अंतिम तिथि 24 सितंबर निर्धारित है और अब इसमें कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन उनके अनुसार कई जिलों में जिलाधिकारियों की ओर से चिन्हित राज्य आंदोलनकारी चयन समितियों की बैठक तक नहीं बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते चयन समितियों की बैठकें आयोजित नहीं की गईं तो लंबे समय से चिन्हिकरण की प्रतीक्षा कर रहे आंदोलनकारियों के मामलों पर फिर से असर पड़ेगा। उन्होंने इसे राज्य आंदोलनकारियों के प्रति सरकार की उदासीनता बताते हुए कहा कि चिन्हिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
धीरेंद्र प्रताप ने सरकार से मांग की कि शेष समय में सभी जिलों में चयन समितियों की बैठकें आयोजित कर लंबित चिन्हिकरण प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र आंदोलनकारियों को उनका अधिकार मिल सके।


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