✍️ उधमसिंह नगर की विकास गाथा: योजना, समर्पण और सजगता का संगम”09 जून 2025 | उधमसिंह नगर की प्रमुख उपलब्धियां और घटनाएं

Spread the love

09 जून 2025 | उधमसिंह नगर की प्रमुख उपलब्धियां और घटनाएं

उधमसिंह नगर, जो कभी उत्तराखंड के औद्योगिक नक्शे में केवल एक बिंदु था, अब निरंतर विकास और नवाचार की पहचान बनता जा रहा है। 09 जून 2025 को जिले की कई उपलब्धियाँ और योजनाएं सामने आईं, जिनसे साफ झलकता है कि जिला प्रशासन योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित के मुद्दों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है।

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट

सबसे पहले बात करें बीस सूत्रीय कार्यक्रम की—तो यह गर्व की बात है कि उधमसिंह नगर ने पूरे प्रदेश में 96.12 प्रतिशत प्रदर्शन के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक संकेत है कि ज़िला प्रशासन और ज़मीनी अफसरशाही ने सरकारी योजनाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाया। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील जैसे अधिकारियों की प्रतिबद्धता को प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जाना सराहनीय कदम है।

दूसरी ओर, भविष्य की चुनौतियों के लिए भी प्रशासन सजग है। 2047 की जनसंख्या के अनुमान को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कराना दूरदर्शिता का प्रमाण है। रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा और सितारगंज शहरों के लिए समर्पित तकनीकी समिति का गठन यह दर्शाता है कि सरकार अब प्लास्टिक पाइप और अस्थायी नालों से ऊपर उठकर वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान की ओर बढ़ रही है।

जहाँ एक ओर योजना निर्माण जारी है, वहीं जन-स्वास्थ्य और समाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी जिले ने सक्रियता दिखाई। आयुष विभाग के निर्देशन में योग शिविर का आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि फिटनेस अब फाइलों में बंद योजना नहीं रही, वह अब ज़मीनी स्तर पर उतर चुकी है।

महिला कल्याण विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान की सराहना अवश्य की जानी चाहिए। बाल अधिकार, पोक्सो एक्ट, साइबर क्राइम, बाल विवाह जैसे मुद्दों पर महिलाओं और सहायिकाओं को प्रशिक्षण देना एक सशक्त समाज की नींव है। बच्चों के ‘गुड टच-बैड टच’ जैसे संवेदनशील विषयों पर खुलकर बात करना समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।

और अंत में स्वास्थ्य सेवाओं में एक उल्लेखनीय कदम—ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सुविधा का जिला चिकित्सालय में शुरू होना। यह निर्णय महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा में क्रांतिकारी साबित होगा, खासकर ग्रामीण और वंचित तबके की महिलाओं के लिए।

इन सब बातों से एक बात स्पष्ट होती है—उधमसिंह नगर केवल औद्योगिक प्रगति ही नहीं कर रहा, वह अब सामाजिक, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह जिले की नहीं, बल्कि समूचे उत्तराखंड की उम्मीदों का केंद्र बनता जा रहा ह

09 जून 2025 | उधमसिंह नगर की प्रमुख उपलब्धियां और घटनाएं

1. बीस सूत्रीय कार्यक्रम में प्रदेश में प्रथम स्थान

  • उधमसिंह नगर ने 96.12% अंक प्राप्त कर प्रदेश के सभी 13 जिलों में पहला स्थान पाया।
  • जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने CDO मनीष कुमार और जिला संख्याधिकारी नफील जमील को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
  • रुद्रप्रयाग द्वितीय और बागेश्वर तृतीय स्थान पर रहे।

2. 2047 को ध्यान में रख ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार

  • रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा और सितारगंज के लिए जीआईएस बेस डीपीआर तैयार की जा रही।
  • कंसल्टेंट VKS इन्फ्राटेक की प्रस्तुति और तकनीकी समिति के गठन के निर्देश।
  • सभी शहरों में तकनीकी विशेषज्ञ, ओसी आपदा, और निकाय अधिकारी सम्मिलित होंगे।

3. योग शिविर का आयोजन

  • आयुष विभाग के निर्देशन में सितारगंज की 57वीं SSB वाहिनी में योग शिविर आयोजित।
  • योग प्रशिक्षक विजय और ज्योति द्वारा योग प्रोटोकॉल सिखाया गया।
  • SSB के उपकमांडेंट, डॉक्टर, फार्मासिस्ट सहित कई जवान शामिल हुए।

4. महिला कल्याण विभाग द्वारा जागरूकता अभियान,भूतबंगला, रुद्रपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में बाल अधिकार, पोक्सो एक्ट, बाल विवाह, साइबर क्राइम आदि पर जागरूकता दी गई।

  • चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), पुलिस हेल्पलाइन (112), साइबर हेल्पलाइन (1930) की जानकारी दी गई।
  • मिशन आरंभ, बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी।

5. ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग सेवा शुरू,अब रुद्रपुर के जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध।

यह दिनांक केवल सूचनाओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि उधमसिंह नगर की नीतिगत सजगता, जन-सेवा के प्रति निष्ठा और उत्तराखंड को एक विकसित, समतामूलक राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयासों का प्रतीक है। यह उदाहरण अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, बशर्ते वे भी केवल योजनाएं न बनाएं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतारने का साहस रखें।



Spread the love