

यह दिन उनकी वीरता एवं देश की सुरक्षा उनके संकल्प को दर्शाता है। तो वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस युद्ध में सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वय की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए इतिहास बदल दिया। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के करीब 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया और दुनिया के नक्शे में बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का जन्म हुआ।

सेना ने प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया
इससे पहले भारतीय सेना ने सोमवार को ‘विजय दिवस’ की पूर्व संध्या पर विभिन्न एआई आधारित प्लेटफॉर्म से लेकर ड्रोन विश्लेषण प्रणाली तक यहां स्वदेशी रूप से विकसित कई प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा आर्मी हाउस में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।




