DPS कॉलेज में हुआ भव्य कार्यक्रम, प्रदेशभर से पहुँचे आयुष चिकित्सक और समाजसेवी. किशोर चंदोला बने उत्तराखंड आयुष मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष

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रुद्रपुर। उत्तराखंड आयुष मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. किशोर (के.सी.) चंदोला का चयन किया गया है। प्रदेशभर के 99.3 प्रतिशत मेडिकल कॉलेजों ने एकमत होकर डॉ. चंदोला के पक्ष में मतदान किया। इस अवसर पर उनके सम्मान में DPS कॉलेज परिसर में एक भव्य कार्यक्रम और गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर के आयुष चिकित्सक, समाजसेवी और शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल हुईं।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

कार्यक्रम का उद्देश्य?डॉ. चंदोला को अध्यक्ष चुने जाने के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि इसे होम्योपैथी और आयुष चिकित्सा की प्रासंगिकता पर गंभीर विमर्श के रूप में आयोजित किया गया।
गोष्ठी का विषय था – “हमारे जीवन में होम्योपैथिक चिकित्सा की आवश्यकता और महत्व।”
इसमें विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि आधुनिक युग की जटिल जीवनशैली और तनावपूर्ण परिस्थितियों में होम्योपैथिक चिकित्सा किस प्रकार सुरक्षित, सस्ती और प्रभावी साबित हो सकती है।

उपस्थित गणमान्य लोग?कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र सिंह गिल, डॉ. अशोक, डॉ. मंजीत, डॉ. सुशील तिवारी, डॉ. गगनदीप, डॉ. भवनीत कौर, डॉ. बबीता यादव, डॉ हरपाल सिंह, डॉ जसबीर कौर सहित कई प्रमुख डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, DPS स्कूल के सुरजीत सिंह की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी महत्त्वपूर्ण बना दिया।

गोष्ठी की मुख्य बातें?गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि –होम्योपैथी आज केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि “जन-चिकित्सा” का सशक्त माध्यम है।

  • ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में जहाँ आधुनिक चिकित्सा संसाधनों की कमी है, वहाँ आयुष पद्धतियाँ लोगों की पहली पसंद बन रही हैं।
  • होम्योपैथिक दवाइयों का कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं होता, जिससे यह बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित है।
  • उत्तराखंड जैसी पहाड़ी राज्य के लिए आयुष चिकित्सा अत्यधिक प्रासंगिक है क्योंकि यहाँ औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है।

डॉ. किशोर चंदोला का विज़न?अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. चंदोला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता है –प्रदेशभर के आयुष कॉलेजों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारना।

  1. आयुष छात्रों की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखना।
  2. उत्तराखंड को आयुष चिकित्सा का हब बनाना, ताकि यहाँ न केवल मरीजों को बल्कि रिसर्च और मेडिकल टूरिज्म के लिए भी लोग आएँ।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आयुष मंत्री और सचिव दीपेंद्र चौधरी से मुलाकात कर कॉलेजों की समस्याएँ रखी हैं। सरकार से अपेक्षा है कि वह आयुष कॉलेजों को मजबूत ढाँचा और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए।

राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका?डॉ. चंदोला ने केवल प्रदेश तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी है। उन्होंने ऑल इंडिया होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। यह दर्शाता है कि उनकी सोच केवल उत्तराखंड तक नहीं, बल्कि पूरे देश के आयुष तंत्र को सशक्त करने की है।

समाज का समर्थन?कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों और डॉक्टरों ने एक सुर में कहा कि डॉ. चंदोला का अध्यक्ष चुना जाना आयुष चिकित्सा जगत के लिए नई ऊर्जा लेकर आएगा। DPS स्कूल के सुरजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा जगत को भी आयुष पद्धति से जोड़ना ज़रूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ वैकल्पिक चिकित्सा को समझें और समाज में इसका प्रसार हो।

भविष्य की संभावनाएँ?कार्यक्रम में यह निष्कर्ष निकला कि –

  • उत्तराखंड औषधीय पौधों की दृष्टि से प्राकृतिक धरोहर है। इसे आयुष की राजधानी बनाया जा सकता है।
  • होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए सरकार, कॉलेज और निजी संस्थानों को साथ आना होगा।
  • मेडिकल टूरिज़्म के क्षेत्र में आयुष का योगदान भविष्य में बड़ा रोजगार अवसर पैदा कर सकता है।

डॉ. किशोर चंदोला ने कार्यक्रमों पर व्यक्त किया आभार?उत्तराखंड आयुष मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. किशोर (के.सी.) चंदोला ने DPS स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के लिए आयोजकों और उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आयोजन होम्योपैथिक और आयुष चिकित्सा की प्रासंगिकता को उजागर करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. चंदोला ने कहा कि प्रदेशभर के चिकित्सक, समाजसेवी और शिक्षा जगत के लोग जिस उत्साह और समर्थन के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, वह उनके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने DPS स्कूल के सुरजीत सिंह सहित सभी उपस्थितों को धन्यवाद दिया और आश्वस्त किया कि उनकी अध्यक्षता में आयुष मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन छात्रों और चिकित्सकों के हितों के साथ-साथ होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रचार-प्रसार के लिए भी निरंतर प्रयासरत रहेगा।

DPS कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक था। डॉ. किशोर चंदोला का अध्यक्ष बनना यह संकेत देता है कि उत्तराखंड में आयुष चिकित्सा को नई दिशा और गति मिलने वाली है। लगातार मिल


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