

रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला द्वारा अपने ही देवर और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जाने से मामला गरमा गया है। पीड़िता राजबाला जैन पत्नी स्व. रामपाल उर्फ पवन कुमार जैन, निवासी ईडब्ल्यूएस–405 आवास विकास रुद्रपुर ने आरोप लगाया है कि उनके स्वामित्व वाले मकान के भूतल पर न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जबरन कब्जा कर लिया गया, जबकि पुलिस ने उन्हें संरक्षण देने के बजाय उल्टा धमकाया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
राजबाला जैन के अनुसार वह कई वर्षों से उक्त मकान में रह रही हैं। मानवीय आधार पर उन्होंने अपने देवर सुरेश जैन और उसके परिवार को बिना किराये के रहने दिया था, लेकिन बाद में सुरेश जैन की नीयत मकान पर खराब हो गई। आरोप है कि नगर निगम की कूड़ा पर्चियों के आधार पर सुरेश जैन ने अपने नाम से विद्युत कनेक्शन करवा लिया, जबकि मकान की रजिस्ट्री, दाखिल–खारिज और पूर्व विद्युत कनेक्शन पहले से ही राजबाला जैन के नाम दर्ज हैं। इस मामले में विद्युत विभाग द्वारा सुरेश जैन को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
पीड़िता का कहना है कि सुरेश जैन ने जिला न्यायालय उधम सिंह नगर में सिविल वाद दाखिल कर एकपक्षीय रूप से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश प्राप्त किया। जानकारी मिलने पर उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए भूतल पर ताले लगवाए। आरोप है कि 1 मई 2025 को सुरेश जैन ने असामाजिक तत्वों के माध्यम से ताले तोड़कर कब्जे का प्रयास किया, जिसे 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस ने रोका।
राजबाला जैन का आरोप है कि 14 नवंबर 2025 को फिर से न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए कब्जे की कोशिश की गई, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस चौकी सहित उच्चाधिकारियों को स्पीड पोस्ट से साक्ष्यों सहित दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 19 दिसंबर 2025 को आवास विकास चौकी के एक दरोगा की कथित मिलीभगत से सुरेश जैन परिवार ने मशीन से ताले कटवाकर जबरन भूतल में प्रवेश कर लिया। इस दौरान उनके पति के साथ हाथापाई भी हुई, जिसकी वीडियो फुटेज उनके पास मौजूद बताई जा रही है।
पीड़िता का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कब्जा हटवाने के बजाय उन्हें ही धमकाया और कार्रवाई से इंकार कर दिया। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह अपने वृद्ध पति के साथ अकेली रहती हैं और इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक रूप से बेहद परेशान और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
राजबाला जैन ने प्रेस के माध्यम से प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें या उनके पति को कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मी और प्रशासन की होगी। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।




