

इन दोनों देशों की पाकिस्तान-समर्थक टिप्पणियों और रुख से नाराज भारतीय टूर एंड ट्रैवल इंडस्ट्री ने तुर्किए और अजरबैजान का बॉयकॉट शुरू कर दिया है.

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
देश की कई प्रमुख ट्रैवल एजेंसियों ने अब इन दोनों देशों के टूर पैकेज बेचने बंद कर दिए हैं. इसके साथ ही इन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार को भी रोका जा रहा है. सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जिनमें आम नागरिक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स दोनों अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
ट्रैवल कंपनियों का बयान
केसरी ट्रेवल्स के MD शैलेश पाटील ने बताया की पहलगाम हमला मानवता के खिलाफ है. भारत की लड़ाई मानवता के खिलाफ हुए आतंकी हमले का जवाब है. तुर्किए पाकिस्तान का साथ देकर गलत काम कर रहा है. केसरी टूर ने तुर्कस्तान पर बैन कर दिया है. इसके बाद टूरिस्ट केसरी की ओर से तुर्किस्तान नही जाएंगे. तुर्किए के लिए सभी बुकिंग बंद हैं. यूरोप जाने के लिए टर्की एयरलाइंस का सपोर्ट भी नहीं लेंगे. हमारे सैकड़ों टूरिस्ट हैं, लेकिन हमे देखकर अन्य भारतीयों को प्रेरणा मिलेगी कि वो तुर्किए का हर तरफ से बहिष्कार करें.
पाकिस्तान का साथ देना पड़ा भारी
मेक माय ट्रिप के को फाउंडर प्रशांत पित्ती ने बताया की जब-जब मालदीव ने भारत विरोधी रुख़ अपनाया तब सबसे पहले मेक माय ट्रिप ने राष्ट्रहित में मालदीव के लिए होटल, फ्लाइट सब रद्द कर ग्राहकों को रिफंड किया. तुर्किए और अजरबैजान ने पाकिस्तान के आतंकवाद का साथ दिया, इसलिए हमने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जरूरी ना हो तो नहीं जाएं. भारत के करीब दो से ढाई लाख टूरिस्ट तुर्किए और अजरबैजान जाते हैं, जिससे दोनों देशों को 3000 करोड़ का नुकसान होगा. लोगो से अपील है की विदेश यात्रा में ग्रीस , आर्मेनिया , थाईलैंड जैसे देश का विकल्प देख सकते है.
मशहूर ट्रैवल कंपनी ने किया बॉयकॉट
मशहूर ट्रैवल कंपनी ‘हॉलिडे इंडिया’ के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश जैन ने कहा, ‘हम व्यवसाय से पहले देश को रखते हैं. जब कोई देश भारत के खिलाफ खड़ा होता है या हमारे दुश्मनों का साथ देता है तो हम वहां अपने पर्यटकों को भेजना सही नहीं समझते. ट्रैवल फर्म ‘ड्रीम ट्रिप्स’ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘भारत विरोधी रुख अपनाने वाले देशों को भारतीय पर्यटकों से मिलने वाली आमदनी की कीमत चुकानी होगी.’
पर्यटन पर असर पड़ने की आशंका
तुर्किए और अजरबैजान दोनों ही भारतीय पर्यटकों के लिए लोकप्रिय गंतव्य रहे हैं, खासकर तुर्किए अपनी ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य के चलते हर साल हजारों भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है. मगर अब इस बॉयकॉट से इन देशों की टूरिज्म इंडस्ट्री पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहा तो इन देशों को पर्यटन क्षेत्र में बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. वहीं, भारतीय पर्यटक अब अन्य विकल्पों जैसे दुबई, मालदीव, श्रीलंका और यूरोप की ओर रुख कर सकते हैं.
भारत-पाक तनाव की कूटनीति
भारत-पाक तनाव की यह कूटनीतिक गूंज अब पर्यटन क्षेत्र तक पहुंच चुकी है. भारत में बढ़ते राष्ट्रवादी माहौल और सोशल मीडिया के प्रभाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी नीति और पर्यटन अब एक-दूसरे से अछूते नहीं रहे. आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह बहिष्कार किस हद तक प्रभावी होता है और इसका जवाब संबंधित देश किस तरह देते हैं.




