देहरादून। स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) की कांस्टेबल जीडी आनलाइन परीक्षा में नकल की साजिश रचने वाले आरोपित का हाईटेक नेटवर्क सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है।

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खुद को सीआईडी अधिकारी बताकर रौब झाड़ने वाला आरोपित ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा उर्फ इंद्र तकनीक का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर नकल कराने की तैयारी में था।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

फर्जी पहचान पत्र बरामद

एसटीएफ को आरोपित के पास से एक फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ, जिस पर क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिटेक्टिव लिखा था। इस कार्ड में क्यूआर कोड भी लगा था, जिसे स्कैन करते ही एक वेबसाइट खुल जाती थी। वेबसाइट पर भ्रष्टाचार विरोधी संदेश, साइबर क्राइम जागरूकता, प्राइवेट डिटेक्टिव सेवाएं और पुलिस मित्र जैसे कई भ्रामक दावे किए गए थे, जिससे लोगों को उसकी पहचान असली लग सके।

इतना ही नहीं, वेबसाइट पर तथाकथित क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिटेक्टिव ट्रस्ट के नाम से कई गतिविधियों का विवरण भी दिया गया था। साथ ही, राष्ट्रीय महिला आयोग, केंद्रीय सतर्कता आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसे संस्थानों के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र भी अपलोड किए गए थे, जिससे उसकी विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।

पुलिस के अनुसार, आरोपित इस पूरे डिजिटल सेटअप का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने और अपने अवैध नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करता था। वह खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा बताकर लोगों को डराता-धमकाता भी था। फिलहाल पुलिस आरोपित के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और इस रैकेट के विस्तार की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पूछताछ में सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क

एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपित से पूछताछ में बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है। 18 मई से शुरू होने जा रही कांस्टेबल जीडी आनलाइन की बड़ी परीक्षा है, जोकि 30 मई तक तीन शिफ्टों में होनी है। आरोपित के संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं, इसका पता पूछताछ के बाद ही लग सकेगा। बताया जा रहा है कि आरोपित ब्लूटूथ, रिमोट एक्सेस व कैमरों का एक्सेस प्राप्त कर नकल कराने की योजना बना रहे थे।

सेंटर के इर्द गिर्द भी घूम रही शक की सुई

नेहरू ग्राम स्थित जिस सेंट जोंस एकेडमी केंद्र को एसटीएफ ने सील किया है उसके आसपास भी एसटीएफ की शक की सुई घूम रही है। एसटीएफ की अब तक हुई जांच में अभी तक सेंटर का मालिक सामने नहीं आ पाया है। बताया जा रहा है कि सेंटर का मालिक कोई और है जबकि एग्रीमेंट किसी और के नाम से है।


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