रुद्रपुर–किच्छा की आवाज़ दिल्ली तक : तिलक राज बहेड़ के नेतृत्व में कांग्रेस का लोकतांत्रिक संघर्ष

Spread the love

उत्तराखंड के रुद्रपुर–किच्छा विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली के रामलीला मैदान तक पहुँची कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लंबी गाड़ियों की कतार केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठी ज़मीनी आवाज़ का प्रतीक थी। “दिल्ली चलो – वोट चोर गद्दी छोड़” महारैली में पूर्व स्वास्थ्य एवं कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता तिलक राज बहेड़ के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं की सशक्त मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि उधम सिंह नगर का कांग्रेस जनाधार आज भी संघर्ष के लिए तैयार है। सबसे ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ तिलक राज बहेड़ शाही अंदाज में दिल्ली पहुंचे उन्होंने अपनी ताकत का एहसास अपने 100 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले से भी करवा दिया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

किच्छा स्थित कार्यालय में हुई रणनीतिक बैठक से लेकर दिल्ली की सड़कों तक, संगठनात्मक अनुशासन, जनसक्रियता और राजनीतिक संकल्प का जो दृश्य सामने आया, वह तिलक राज बहेड़ की अनुभवी नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है। बहेड़ के साथ मोहन खेड़ा, किन्नू शुक्ला, संजय जुनेजा, दिनेश पंत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता “तिलक राज बहेड़ जिंदाबाद” के नारों के साथ रामलीला मैदान पहुँचे—यह संकेत था कि क्षेत्रीय नेतृत्व राष्ट्रीय आंदोलन से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।

यह रैली केवल आरोपों का मंच नहीं थी, बल्कि चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता का भरोसा लौटाने की मांग का सार्वजनिक आह्वान थी। कांग्रेस का कहना है कि 5.5 करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जाना, लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

रुद्रपुर–किच्छा की भागीदारी यह भी बताती है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्पष्ट पहचान रखने वाले तिलक राज बहेड़ आज भी जनविश्वास के केंद्र में हैं। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का अनुशासित काफिला यह संदेश देता है कि उत्तराखंड की राजनीति में मुद्दों की राजनीति अभी जीवित है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय एकजुटता स्पष्ट दिखी। हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए संघर्ष का मजबूत संदेश दिया। यह रैली सत्ता के खिलाफ जनआवाज़ बनने का संकेत है।

गणेश गोदियाल, राजेंद्र भंडारी, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, करण माहरा, नवप्रभात, हर्ज सिंह रावत, सूर्यकांत धस्माना, मथुरादत्त जोशी, मनीष खंडूरी, तिलक राज बेहड़, मीना शर्मा पूर्व पालिका अध्यक्ष रुद्रपुर,हीरा सिंह बिष्ट, राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, विजय सारस्वत, राजेंद्र सिंह नेगी, अनिल रावत, दीपक बलूनी, सुमित्तर भुल्लर, यशपाल आर्य समर्थक प्रतिनिधिमंडल, राजेंद्र पाल सिंह, ललित फर्स्वाण, प्रदीप पांडे, हिमांशु गाबा, राजेंद्र चौधरी, प्रेमपाल सिंह, ज्योति रावत, शिवानी नेगी, युवा कांग्रेस व NSUI के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी।

उधम सिंह नगर। उत्तराखंड
के आह्वान के साथ जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा, रुद्रपुर नगर अध्यक्ष ममता रानी, संदीप चीमा,हरीश पनेरू एवं सी.पी. शर्मा अपने काफिले सहित दिल्ली पहुँचे। उधम सिंह नगर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली रैली में भाग लेकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।

रामलीला मैदान में उमड़ा जनसमूह और शीर्ष नेतृत्व की संभावित उपस्थिति—मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा सहित वरिष्ठ नेताओं का मंच—इस आंदोलन को राष्ट्रीय विमर्श में मजबूती से स्थापित करता है। रुद्रपुर–किच्छा से उठी यह आवाज़ दिल्ली में गूंजी है; अब देखना है कि लोकतंत्र की इस पुकार पर सत्ता और संस्थाएं किस तरह जवाब देती हैं।


Spread the love