रुद्रपुर/बाजपुर में फसलों को हुए नुकसान का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा, अधिकारियों को तत्काल सर्वेक्षण और समयबद्ध राहत के निर्देश; रुद्रपुर में भारतीय मानक ब्यूरो ने उद्योगों, उपभोक्ताओं और स्वच्छ ऊर्जा के लिए मानकीकरण की अहमियत बताई
रुद्रपुर/बाजपुर, 9 अक्टूबर। उत्तराखंड में शुक्रवार का दिन किसानों की परेशानी और औद्योगिक गुणवत्ता के महत्व को लेकर चर्चा में रहा। एक ओर ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय की ओर से आयोजित ‘मानक महोत्सव 2026’ में सुरक्षित उत्पादों, उपभोक्ता संरक्षण, औद्योगिक गुणवत्ता और किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा पर जोर दिया गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड
बाजपुर में ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और जमीन पर उतरकर किसानों से मुलाकात की। वहीं रुद्रपुर में आयोजित मानक महोत्सव ने उद्योगों और उपभोक्ताओं के बीच भारतीय मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। दोनों आयोजनों का केंद्र अलग-अलग रहा, लेकिन इनके माध्यम से आम लोगों की सुरक्षा, आर्थिक हितों और बेहतर भविष्य से जुड़े मुद्दे सामने आए।
ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही बाजपुर पहुंचे मुख्यमंत्री
शुक्रवार दोपहर बाजपुर क्षेत्र में अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। ओलावृष्टि और उससे फसलों को हुए नुकसान की सूचना मिलते ही उन्होंने खराब मौसम के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर को बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पहले हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री का प्रभावित क्षेत्र में पहुंचना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक सक्रियता का संकेत रहा। हालांकि, इस दौरे के बाद किसानों के लिए वास्तविक राहत कितनी जल्दी पहुंचती है, यह फसलों के नुकसान के आकलन और उसके बाद होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
नुकसान का आकलन कर तत्काल राहत देने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने नुकसान का आकलन शीघ्र करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। नुकसान के आकलन से लेकर राहत उपलब्ध कराने तक सभी प्रक्रियाएं तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाएं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बाजपुर और आसपास के कृषि क्षेत्रों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए अब प्रशासनिक सर्वेक्षण महत्वपूर्ण होगा। किसानों को हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही सामने आएगी। ऐसे में प्रभावित किसानों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नुकसान का आकलन कितनी जल्दी पूरा होता है और राहत संबंधी प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है।
रुद्रपुर में ‘मानक महोत्सव 2026’ का आयोजन
इसी दिन रुद्रपुर के एक स्थानीय होटल में विश्व मानक दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून शाखा कार्यालय की ओर से ‘मानक महोत्सव 2026’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था—‘बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण: सतत विकास लक्ष्य-7—किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा।’
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और विभिन्न हितधारक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारतीय मानकों, उत्पादों की गुणवत्ता, उपभोक्ता हितों, औद्योगिक अनुपालन और स्वच्छ ऊर्जा के महत्व पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों और उपभोक्ताओं के बीच मानकीकरण के महत्व को समझाना तथा गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और विश्वसनीय उत्पादों को बढ़ावा देना रहा।
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जरूरी है मानकीकरण
सिडकुल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मानकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने मानकीकरण को केवल औद्योगिक प्रक्रिया तक सीमित न मानते हुए उपभोक्ताओं के विश्वास और उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
बीआईएस के निदेशक हेमंत आड़े ने भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका, नई पहलों और उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक सुगम और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लागू प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित लाइसेंस अब एक बार में पांच वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जा रहे हैं। इससे उद्योगों को अनुपालन प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
BIS Care ऐप से उपभोक्ताओं को मिलेगी जानकारी
बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय के संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी ने उपभोक्ता-केंद्रित पहलों पर प्रकाश डालते हुए BIS Care मोबाइल ऐप की विशेषताओं की जानकारी दी।
उन्होंने विशेष रूप से हॉलमार्क वाले स्वर्ण आभूषणों की पहचान और सत्यापन से संबंधित सुविधाओं के बारे में बताया। उनके अनुसार, ऐप के माध्यम से हॉलमार्क वाले स्वर्ण आभूषणों से संबंधित प्रमाणन और उपलब्ध उत्पाद विवरण की जांच करने जैसी सुविधाएं उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हैं।
उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और प्रमाणन संबंधी जानकारी की जांच करें तथा बीआईएस की डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करें। ऐसी पहल से खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक गुणवत्ता पर तकनीकी चर्चा
मानक महोत्सव के दौरान V-Guard Industries और Greenpanel Limited के प्रतिनिधियों ने किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा समाधानों और सतत विकास को प्रोत्साहित करने में गुणवत्ता मानकों की भूमिका पर जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय मानक केवल उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में सिडकुल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, Persistent UP&UK Plywood के आर. के. मिधा तथा जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक योगिता जोशी सहित विभिन्न उद्योगों और संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
किसानों की राहत और गुणवत्ता के मानक, दोनों अहम
बाजपुर में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्या तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की मांग करती है। किसानों की आजीविका फसलों पर निर्भर होती है, इसलिए प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का समय पर आकलन और नियमानुसार राहत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अब अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे सर्वेक्षण और राहत संबंधी प्रक्रिया को निर्धारित समय में आगे बढ़ाएं।
दूसरी ओर, रुद्रपुर में आयोजित मानक महोत्सव ने यह संदेश दिया कि सुरक्षित उत्पाद, पारदर्शी प्रमाणन, सरल औद्योगिक अनुपालन और किफायती स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की जरूरत हैं। उद्योगों और उपभोक्ताओं के बीच मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ने से गुणवत्ता और विश्वास को मजबूती मिल सकती है।
‘मानक महोत्सव 2026’ में उपस्थित प्रमुख लोग:
गजेंद्र सिंह — अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन
हेमंत आड़े — निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
पूर्व अध्यक्ष सिडकुल एसोसिएशन श्रीकर सिन्हा
सचिन चौधरी — संयुक्त निदेशक, बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय
आर. के. मिधा — Persistent UP&UK Plywood के प्रतिनिधि
योगिता जोशी — प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र
V-Guard Industries के प्रतिनिधि
Greenpanel Limited के प्रतिनिधि
विभिन्न उद्योगों, MSMEs और संस्थानों के प्रतिनिधि
नोट: उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में सभी प्रतिनिधियों के व्यक्तिगत नाम नहीं दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को बाजपुर में किसानों की परेशानी और रुद्रपुर में गुणवत्ता एवं स्वच्छ ऊर्जा पर केंद्रित आयोजन ने विकास के दो महत्वपूर्ण पक्ष सामने रखे। एक ओर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर राहत देना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों और बाजार में गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता हितों को सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दोनों ही क्षेत्रों में घोषणाओं के साथ-साथ प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक परिणाम तय करेगा।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट 83930 21000 रुद्रपुर उत्तराखंड
