पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की मुलाकात, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान हेतु सौंपा पत्र?  विश्वविद्यालय कर्मियों के लिए आवासीय कॉलोनी ………..

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देहरादून/रुद्रपुर।गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद के सदस्य एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार मुलाकात कर विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की फार्म भूमि में लगभग 150 एकड़ क्षेत्रफल पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, ठेका श्रमिकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी विकसित कर भूमि आवंटन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद पहले ही पारित कर चुकी है, लेकिन इसे वर्षों से अमल में नहीं लाया गया है।

शुक्ला ने बताया कि सन 2002 में औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद सिडकुल के लिए विश्वविद्यालय की भूमि अधिग्रहित की जा रही थी, तब कर्मचारियों व श्रमिकों ने अपने लिए भूमि आवंटन की मांग की थी। उस समय परिषद ने इस पर सहमति भी दी थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उक्त भूमि एक बिल्डर को आवंटित कर दी, जिससे विश्वविद्यालय परिवार इस योजना के लाभ से वंचित रह गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अब इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर कर्मचारियों व श्रमिकों को स्थायी आवास की सुविधा दी जाए, जिससे उन्हें आवास संबंधी दिक्कतों से मुक्ति मिल सके।

पूर्व विधायक शुक्ला ने मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों और सुरक्षा कर्मियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी रखे।
मुख्य मांगें निम्नलिखित रहीं —
1️⃣ वर्ष 2003 से पूर्व कार्यरत दैनिक वेतनभोगी एवं कार्यप्रभारित श्रमिकों को न्यायालय के निर्णय के अनुसार स्थायी किया जाए।
2️⃣ विश्वविद्यालय में 10 वर्षों से कार्यरत ठेका कर्मियों को स्थायी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
3️⃣ विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की भांति शासकीय अवकाश की सुविधा प्रदान की जाए।
4️⃣ कोविड-19 काल में बजट अभाव के चलते कम किए गए कार्य दिवसों को पुनः पूर्ववत 26 दिन किया जाए, ताकि ठेका कर्मियों को आर्थिक राहत मिल सके।
5️⃣ ठेका कर्मियों को उपनल कर्मियों के समान वेतन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएं।

राजेश शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी श्रेणी के कर्मचारी प्रदेश की कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं का समाधान मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना आवश्यक है, ताकि वे आत्मसम्मान व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

उन्होंने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताई कि वे इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेकर पंतनगर विश्वविद्यालय परिवार को राहत प्रदान करेंगे।

(रिपोर्ट: अवतार सिंह बिष्ट, रुद्रपुर)


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