

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने पार्टी की राज्य प्रभारी कुमारी शैलजा से मुलाकात कर राज्य कांग्रेस के संगठनात्मक हालात और राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठकों को लेकर फैल रही चर्चाओं पर भी स्थिति साफ की गई।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि कांग्रेस प्रभारी शैलजा ने स्पष्ट किया कि हाल ही में उत्तराखंड के जिन पांच नेताओं को दिल्ली बुलाकर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलवाया गया था, वह पार्टी के नए पदाधिकारियों की एक अनौपचारिक मुलाकात थी। इसे किसी भी रूप में राजनीतिक संदेश या शक्ति प्रदर्शन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को लेकर यह कहना कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को जानबूझकर नहीं बुलाया गया, पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन है।
शैलजा ने साफ शब्दों में कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के सिरमौर हैं और उनकी उपेक्षा का सवाल पार्टी सपने में भी नहीं सोच सकती। उन्होंने कहा कि हरीश रावत जैसे अनुभवी और जनाधार वाले नेता की जरूरत उत्तराखंड कांग्रेस को हर समय रही है और भविष्य में भी रहेगी।
धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि इस विषय पर पार्टी के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने भी यही बात दोहराई है कि हरीश रावत पार्टी के शीर्ष नेताओं में हैं और उत्तराखंड कांग्रेस को उनके मार्गदर्शन की हमेशा आवश्यकता रहेगी। उन्होंने कहा कि हरीश रावत राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और पार्टी उनके योगदान का पूरा सम्मान करती है।
कांग्रेस प्रभारी शैलजा ने राज्य में हाल ही में जिम्मेदारी पाए पांचों नए नेताओं से भी बड़ी उम्मीदें जताईं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरीश रावत के मार्गदर्शन में ये सभी नेता और प्रदेश कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को उल्लेखनीय जीत दिलाने में सफल होंगे।




