

साल 2025 में नवरात्रि 9 बल्कि 10 दिन के होंगे.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
नवरात्रि के पहले दिन का महत्व
नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से होती है. इस दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है. घटस्थापना व कलश स्थापना करके व्रत और पूजा का संकल्प लिया जाता है. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के दौरान गाई जाती है. यह मां दुर्गा के पहले स्वरूप के रूप में जानी जाती हैं, जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और बैल पर सवार होकर हाथ में त्रिशूल धारण करती हैं.
त्रिलोचन पनेरु कृष्णात्रेय रुद्रपुर उत्तराखंड।
मां शैलपुत्री पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें.
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें.
- कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की मूर्ति/चित्र स्थापित करें.
- धूप, दीप, फूल, अक्षत और फल अर्पित करें.
- मंत्र जाप करें.
मां शैलपुत्री मंत्र
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
ध्यान मंत्र
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्.
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
मां शैलपुत्री का स्तुति पाठ
वन्दे वाञ्चितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखरम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां शैलपुत्री की आरती
जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता।
शिव शंकर की प्रिया भवानी, महिमा अति अपार।।
हिमगिरि की कन्या भवानी, महिमा अति अपार।।
सवारी बैल की सुहावन, वरद हस्त कमल।।
त्रिशूल धारिणी भवानी, वरद हस्त कमल।।
रिद्धि-सिद्धि दायिनी भवानी, भव भव भय हारी।।
भक्तों के दुःख दूर करती, भव भव भय हारी।।
जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता।
जय जगदम्बे माता, जय जगदम्बे माता।।




