उत्तराखंड पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई ने देहरादून में बॉबी पंवार से करीब नौ घंटे पूछताछ की। बॉबी सुबह 11:30 बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचे जहां रात 8:35 बजे तक उनसे पूछताछ जारी थी। उनके मोबाइल फोन की भी जांच की गई।

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पंवार उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष हैं और वही शख्स है, जिनकी सोशल मीडिया पोस्ट से बवाल मचा था।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गत 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में कुछ ही घंटे बाद प्रश्नपत्र के पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। बॉबी पर पेपर लीक होने की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है। मामले की जांच में अब तक सामने आया है कि मुख्य आरोपी खालिद मलिक ने हरिद्वार में जट बहादरपुर स्थित परीक्षा केंद्र से मोबाइल पर पेपर के फोटो खींच अपनी बहन साबिया को भेजे थे। साबिया ने इन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को फॉरवर्ड किया था। सुमन ने फोटो में मिले प्रश्न साल्व कर उत्तर वापस भेज दिए। इस मामले में खालिद और साबिया पहले से जेल में हैं जबकि 28 नवंबर को सुमन को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने बॉबी को नोटिस भेज सोमवार को पूछताछ को बुलाया।

सीबीआई के सवालों का बॉबी ने दिया जवाब

बॉबी के मुताबिक, प्रश्न-पत्र उसके पास एक निश्चित समय पर पहुंचा था, और इसके तुरंत बाद उसकी असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन से बातचीत हुई थी। उसने सुमन को बताया कि उसे पेपर मिला है, जिस पर सुमन ने हैरानी जताते हुए उसे तुरंत सतर्क रहने की सलाह दी; दोनों के बीच पहले से चल रहा संपर्क भी इसी दौरान काम आया। बॉबी का कहना है कि उसे नहीं पता कि प्रश्न-पत्र किसी और को भेजा गया था या नहीं, लेकिन पेपर मिलने के बावजूद उसने पुलिस को जानकारी नहीं दी और बाद में एक तय समय पर वह इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर बैठा। अपलोड करने से पहले उसने कुछ परिचित लोगों से बात-चीत भी की, फिर भी उसने पुलिस को सूचित करने की जरूरत नहीं समझी। पूछताछ में जब उससे पूछा गया कि क्या वह खालिद को जानता है, तो इस पर भी उसने साफ-साफ जवाब नहीं दिया।

बॉबी की पोस्ट से मामले ने पकड़ा था तूल

पेपर लीक के इस मामले में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार की मुश्किलें कम नहीं हुई है। बॉबी पंवार ने धरना प्रदर्शन के दौरान पेपर लीक का मुद्दा उठाया था। इसके बाद सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। लीक पेपर के स्क्रीन शॉट भी बॉबी ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। राज्य सरकार को पेपर भी कैंसिल करना पड़ा। अब सीबीआई ने जांच तेज कर गिरफ्तारी शुरू कर दी है। सीबीआई पेपर लीक प्रकरण में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि और भी शिकंजा कसना तय है।


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