

गुप्तकाशी।सिद्धपीठ कालीमठ की काली माई की ऐतिहासिक देवरा यात्रा की तिथि रविवार को वृश्चिक संक्रांति पर्व पर घोषित कर दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मां भगवती कालीमाई आगामी 7 दिसंबर 2025 को शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजन-अर्चना के साथ क्षेत्र भ्रमण के उपरांत देवप्रयाग के लिए प्रस्थान करेंगी, जहां 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति तथा उत्तरायण के शुभ योग में काली माई गंगा–अलकनंदा के पवित्र संगम पर स्नान करेंगी। इस दौरान केदारघाटी व पंचगाई के सैकड़ों श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
कालीमठ मंदिर प्रांगण में आयोजित कालीमठ पंचगाई समिति की महत्वपूर्ण सार्वजनिक बैठक में अध्यक्ष लखपत सिंह राणा की अध्यक्षता में यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में पंचगाई के पांच गांव—कालीमठ, जग्गी, बेडूला, ब्यूखीं और कविल्ठा के ग्रामीणों एवं हक-हकूकधारियों ने सहभागिता की। देवशाल गांव के आचार्य और ह्यूण गांव के ब्रह्मा द्वारा धार्मिक गणना के उपरांत यात्रा की तारीख सुनिश्चित की गई।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत काली माई की डोली लक्ष्मी मंदिर, कालीमठ से प्रस्थान कर सबसे पहले अपने गूंठ गांवों का भ्रमण करेगी। इसके बाद मां भगवती पदयात्रा के रूप में देवप्रयाग की ओर बढ़ेंगी। स्नान के उपरांत देवरा यात्रा पुनः पैदल ही देवप्रयाग से कालीमठ की ओर लौटेगी।
समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने बताया कि इस बार देवरा यात्रा को पूर्व से अधिक भव्य और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य विश्व कल्याण के साथ-साथ उन भक्तों तक पहुंचना भी है जो किसी कारणवश स्वयं कालीमठ नहीं पहुंच पाते। मार्ग में जहां-जहां से डोली गुजरेगी, माता अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करेंगी। विशेष रूप से माता अपनी धियांणियों (भक्त महिलाओं) को आशीर्वाद देंगी और जिन भक्त परिवारों द्वारा आमंत्रण मिलेगा, वहां रात्रि निवास भी करेगी। परंपरा के अनुसार यात्रा मार्ग में पुराने हक-हकूक आधारित भूमि एवं गांवों का भ्रमण भी किया जाएगा।
इस अवसर पर आचार्य भगवती देवशाली, ह्यूण गांव के ब्रह्मा आचार्य वेंकट रमण, महामंत्री सुरेशानंद गौड़, उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा, प्रचार प्रमुख देवेंद्र राणा, प्रदीप राणा, नरोत्तम राणा सहित पंचगाई क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ब्रह्मा वेंकट रमण ने कहा कि पंचगाई समिति एवं बद्री–केदार मंदिर समिति तीर्थ संस्कृति, आस्था और जनमानस के विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए त्याग, निष्ठा और समर्पण के साथ देवरा यात्रा को निर्विघ्न एवं सफल बनाने के लिए वचनबद्ध हैं।
महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने देवरा यात्रा को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी भक्तों एवं समाज से सहयोग की अपेक्षा जताई।




