

यशपाल कार चला रहा था और भगवान सिंह आगे की सीट पर बैठे थे। ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास उन्होंने एक अज्ञात युवक को लिफ्ट दी थी, जो पीछे की सीट पर बैठ गया। जैसे ही कार रानीपुर झाल के निकट पहुंची, पीछे बैठे व्यक्ति ने अचानक देशी तमंचा निकाला और भगवान सिंह की दाहिनी कनपटी पर सटा कर गोली चला दी।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
गोली लगते ही भगवान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की तेज आवाज सुनते ही यशपाल ने घबराहट में इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या प्रतिक्रिया करता, आरोपी कार से कूदकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। यशपाल ने तुरंत अपने कनखल स्थित जमालपुर जेवीजी कॉलोनी में परिजनों को फोन कर पूरी घटना बताई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मामले की खबर बहादराबाद पुलिस तक पहुंची तो तत्काल क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी गई। रानीपुर झाल, ज्वालापुर, सिडकुल बाइपास और नेशनल हाईवे पर बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग शुरू की गई, लेकिन रात में आरोपी पुलिस के हाथ नहीं चढ़ सका। बहादराबाद थाना प्रभारी अंकुर शर्मा ने बताया कि मृतक भगवान सिंह भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड थे। हत्या का मुख्य कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस लिफ्ट लेने वाले व्यक्ति की पहचान करने के साथ-साथ पारिवारिक कलह, पुरानी रंजिश और अन्य सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी को पकड़कर मामले का पर्दाफाश करने का दावा किया गया है।




