

अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) ने हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है. संघ ने यह निर्णय विश्वविद्यालय की दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए धमाके के बाद ये कड़ा फैसला लिया गया है.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द होने के बाद यह विश्वविद्यालय AIU के अंतर्गत मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर हो गया है. दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों की नजरें अल-फलाह मेडिकल यूनिवर्सिटी पर जम गई थी. कभी ये यूनिवर्सिटी अपनी बेहतरीन अपडेटेड सुविधाओं के लिए जानी जाती थी लेकिन दिल्ली धमाके से जुड़ी जांच में इस यूनिवर्सिटी के चा डॉक्टर उमर उन नबी, डा. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े थे.
AIU ने अल फलाह यूनिवर्सिटी को दिया लोगो हटाने का आदेश
AIU के निर्णय के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी को तत्काल प्रभाव से अपने सभी आधिकारिक दस्तावेज़ों, वेबसाइट, विज्ञापनों और प्रचार सामग्री से AIU का लोगो और नाम हटाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके पहले दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी और आतंक की नर्सरी बनी हरियाणा की फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर एक्शन शुरू हो चुका था. इस यूनिवर्सिटी को लेकर एक और मामला फर्जी मान्यता के दावों से जुड़ा हुआ सामने आया है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद NAAC ने यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
पकड़ा गया था अल फलाह यूनिवर्सिटी का एक और फर्जी दावा
इस नए फर्जी दावे में यूनिवर्सिटी पर ये आरोप लगा था कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर झूठी जानकारी देकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया. इस कार्रवाई के साथ ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. दरअसल NAAC के जारी किए गए नोटिस में क्लियर कहा गया था कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी न तो परिषद से मान्यता प्राप्त है और न ही उसने मूल्यांकन के लिए किसी चक्र Cycle-1 में हिस्सा लिया है. इसके बावजूद वेबसाइट पर दावा किया गया कि विश्वविद्यालय की तीन संस्थाओं को ‘A ग्रेड’ मान्यता मिली है. परिषद ने इस दावे को भ्रामक और गलत बताते हुए इसे सार्वजनिक धोखा करार दिया.




