

विधायक शिव अरोड़ा: विकास, समर्पण और संवाद के प्रतीक जनप्रतिनिधि

रुद्रपुर शहर, जो उत्तराखंड के सबसे तेज़ी से विकसित होते नगरों में गिना जाता है, आज अपनी नई पहचान बना रहा है। इस पहचान के पीछे जहां औद्योगिक प्रगति और सांस्कृतिक विविधता का योगदान है, वहीं एक सशक्त जनप्रतिनिधि के रूप में विधायक शिव अरोड़ा की भूमिका को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
उनकी राजनीति न तो दिखावे पर आधारित है, न ही मात्र नारों पर। बल्कि उनके काम, व्यवहार और जनता से सीधे संवाद ने उन्हें रुद्रपुर के सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय नेताओं की पंक्ति में खड़ा किया है।
जनता के बीच से उठे, जनता के बीच रहे?विधायक शिव अरोड़ा की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वे हर वर्ग के लोगों से सीधे जुड़े रहते हैं।
बाजार की गलियों से लेकर मलिन बस्तियों तक, मंदिरों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक — हर जगह उनकी उपस्थिति जनता के बीच एक भरोसा जगाती है कि “हमारा प्रतिनिधि हमारे साथ है।”
पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि को “विकास और संवाद” के माध्यम से और मजबूत किया है। चाहे शहर के इंदिरा चौक से लेकर अटरिया मोड़ तक का चौड़ीकरण कार्य हो या फिर स्मार्ट सिटी के सपने को धरातल पर उतारने की पहल, उन्होंने अपने वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
वादे जो सिर्फ बोले नहीं, निभाए भी गए?राजनीति में वादे करना आसान होता है, पर उन्हें निभाना असली कसौटी होती है।
शिव अरोड़ा इस कसौटी पर खरे उतरते हैं। उनके कार्यकाल में रुद्रपुर की अनेक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर—
इंदिरा चौक से अटरिया मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जिससे शहर का यातायात सुगम हुआ।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट्स, जल निकासी और सौंदर्यीकरण के अनेक प्रोजेक्ट शुरू हुए।
शहर की मलिन बस्तियों में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
खेड़ा क्षेत्र में संतोषी माता मंदिर के परिसर से 11000 केवी की लाइट और ट्रांसफॉर्मर को हटवाना, जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है।
खेल प्रतिभाओं को सम्मान देना, जैसे हाल ही में रुद्रपुर के खिलाड़ी दिवअगम सिंह को पेंचक सिलाट एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई देना, उनके युवा-संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इन कार्यों से स्पष्ट है कि शिव अरोड़ा केवल विकास की बात नहीं करते, बल्कि उसके परिणाम जनता तक पहुंचाने का संकल्प भी निभाते हैं।
जनसमस्याओं के समाधान में तत्परता?शिव अरोड़ा के कार्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वहां किसी को “विलंब” शब्द का सामना नहीं करना पड़ता।
जनता की शिकायतें सीधे सुनने और उन्हें अधिकारियों के माध्यम से तुरंत हल कराने की परंपरा उन्होंने स्थापित की है।
एक फोन कॉल पर किसी सड़क की मरम्मत हो, बिजली की शिकायत या जलापूर्ति की समस्या — विधायक शिव अरोड़ा के हस्तक्षेप से समाधान शीघ्र निकलता है।
यही कारण है कि जनता के बीच उनकी छवि एक “कार्यकुशल और जवाबदेह” विधायक के रूप में बनी है।
संघ के संस्कारों से प्रेरित कार्यशैली?विधायक शिव अरोड़ा की कार्यशैली पर यदि दृष्टि डालें, तो उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासन और राष्ट्रभाव का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।
हाल ही में भगत सिंह उपनगर शाखा में आयोजित संघ के “शताब्दी वर्ष” कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि वे विचारधारा से जुड़े हुए हैं, परंतु कट्टरता से नहीं — संवाद और सेवा ही उनका मूलमंत्र है।
उनका “संघे शक्ति कलियुगे” का उद्धरण उनके जीवनदर्शन को बताता है —
कि समाज की शक्ति तभी जागृत होगी जब लोग एकजुट होकर कार्य करेंगे।
धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता?विधायक शिव अरोड़ा धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर जनता से आध्यात्मिक जुड़ाव बनाए रखते हैं।
हाल ही में रॉयल रेजिडेंसी और कौशल्या एन्क्लेव फेज 2 में आयोजित माँ भगवती के जागरण में उनकी उपस्थिति, न केवल धार्मिक भावना का सम्मान है बल्कि यह उनके “समाज के हर वर्ग से संवाद” की नीति को भी मजबूत करती है।
उन्होंने रुद्रपुर की समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए सभी को शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं — यह केवल एक शुभकामना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने का प्रतीक है।
संवेदनशीलता और मानवीयता का उदाहरण?राजनीति के इस दौर में जहां संवेदनशीलता अक्सर पीछे छूट जाती है, वहीं विधायक शिव अरोड़ा ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जो दुख की घड़ी में भी जनता के साथ खड़े दिखाई देते हैं।
शिवपुर के पूर्व प्रधान नरेश तपाली के संबंधी धीरज रॉय के निधन पर उनके आवास जाकर शोक संवेदना व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि वे केवल जननेता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं।
विकास के नए आयाम – उद्योग से लेकर शिक्षा तक/
रुद्रपुर एक औद्योगिक नगर है, और विधायक शिव अरोड़ा ने उद्योग जगत की समस्याओं को समझते हुए अनेक बार उनके पक्ष में आवाज उठाई है।
हाल ही में जिला फर्टिलाइजर्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन के 27वें अधिवेशन में उनकी सहभागिता और उद्योग जगत की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन, उनके “प्रो-बिज़नेस” दृष्टिकोण को दर्शाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने गुणवत्ता पर जोर दिया है। वे स्वयं मेहनत और योग्यता के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से यह साबित किया कि सफलता मेहनत से मिलती है, न कि केवल राजनीतिक विरासत से।
उनकी सोच है — “शिक्षित समाज ही सशक्त समाज की नींव है।”
रुद्रपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का संकल्प?शिव अरोड़ा ने अपने कार्यकाल में स्पष्ट रूप से कहा था कि “रुद्रपुर केवल औद्योगिक नगर नहीं रहेगा, बल्कि उत्तराखंड का सबसे सुंदर और आधुनिक नगर बनेगा।”
इस दृष्टि से उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कई योजनाएं शुरू की हैं —
सड़क, सीवर, पार्क, CCTV निगरानी प्रणाली और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रुद्रपुर के नागरिकों को अब स्वच्छता और सौंदर्य का अनुभव हो रहा है।
हालांकि, कुछ योजनाएं अभी प्रगति पर हैं, जैसे कि काशीपुर बायपास रोड चौड़ीकरण, जिस पर अभी भी प्रशासनिक स्तर पर विचार चल रहा है।
यह एक प्रश्नचिह्न अवश्य है — क्या काशीपुर बायपास रोड का चौड़ीकरण शीघ्र होगा?
जनता की अपेक्षा है कि यह परियोजना भी जल्द पूर्ण हो, जिससे यातायात जाम से राहत मिल सके।
लेकिन अब तक के कार्यों को देखकर यह विश्वास किया जा सकता है कि विधायक शिव अरोड़ा इस दिशा में भी ठोस कदम उठाएंगे।
2027 की राजनीति: रुद्रपुर का भरोसा कायम
?राजनीतिक गलियारों में जब 2027 के विधानसभा चुनाव की चर्चा होती है, तो रुद्रपुर सीट पर नाम सबसे पहले आता है — शिव अरोड़ा।
सोशल मीडिया की हवा चाहे कुछ भी कहे, धरातल पर जनता का भरोसा अब भी उन्हीं पर कायम है।
केंद्रीय नेतृत्व — चाहे नितिन गडकरी हों या गृहमंत्री अमित शाह, सभी जानते हैं कि शिव अरोड़ा एक अनुशासित, ईमानदार और लोकप्रिय विधायक हैं, जिनकी संगठन में गहरी पकड़ है।
उनकी राजनीति में “ना धारण, ना प्रदर्शन” की नीति है — वे काम करते हैं, प्रचार खुद बोलता है।
रुद्रपुर की जनता उन्हें “नंबर वन विधायक” कहती है, यह कोई अतिशयोक्ति नहीं — बल्कि वर्षों के समर्पित कार्य का परिणाम है।
अंतिम शब्द: जनसेवा ही धर्म?शिव अरोड़ा की राजनीति का सार यही है — जनसेवा ही धर्म है।
उन्होंने रुद्रपुर को न केवल विकास की राह पर आगे बढ़ाया है, बल्कि जनता के दिलों में विश्वास भी जगाया है।
उनकी सक्रियता, संवेदनशीलता और स्पष्ट सोच ने रुद्रपुर को नई पहचान दी है।
काशीपुर बायपास रोड का चौड़ीकरण हो या स्मार्ट सिटी का संकल्प —
इन सबके बीच एक बात निश्चित है कि विधायक शिव अरोड़ा ने यह साबित किया है कि राजनीति में “शब्द नहीं, कर्म बोलते हैं।”
रुद्रपुर आज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
इस परिवर्तन के केंद्र में विधायक शिव अरोड़ा जैसे कर्मयोगी नेता हैं, जिनकी दृष्टि केवल अगले चुनाव तक नहीं, बल्कि आने वाले रुद्रपुर के स्वर्णिम भविष्य तक है।
उनके नेतृत्व में रुद्रपुर विकास, संवाद और विश्वास — तीनों का संगम बन चुका है।




