

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक डा वहाबउद्दीन ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार सूर्यग्रहण दोपहर 3.26 बजे लगना शुरू होगा। शाम 5.42 बजे सूर्य का सर्वाधिक हिस्सा ग्रहण की चपेट में रहेगा। वलयाकार ग्रहण की अवधि मात्र दो मिनट की होगी, जबकि सायंकाल 7.57 बजे सूर्यग्रहण समाप्त हो जाएगा। यह सूर्य ग्रहण भारत से नहीं देखा जा सकेगा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
ग्रहण का अधिकांश हिस्सा अंटार्कटिका के बर्फीले क्षेत्र से देखा जा सकेगा। सूर्य ग्रहण लंबाई में 4282 किमी क्षेत्र में देखा जा सकेगा। डा वहाबउद्दीन ने बताया कि चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी अधिक होने के कारण वलयाकार सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है और जब इन दोनों के बीच दूरी कम होती है तो पूर्ण सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना होती है। इस स्थिति में चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेता है।
12 अगस्त को अगला सूर्यग्रहण
अगला सूर्यग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण को भी भारत से नहीं देखा जा सकेगा। इसके बाद तीन मार्च को चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना होने जा रही है।




