नैनीताल। उत्तर भारत में आसमान से बरस रही आग से राहत पाने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थल पर्यटकों से पैक हैं। मैदानी क्षेत्रों से मसूरी, नैनीताल, धनौल्टी, चकराता, रानीखेत, टिहरी, औली में समान्य दिनों की तुलना में अधिक पर्यटक उमड़ रहे हैं।

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ऐसे में ट्रैफिक जाम पहाड़ों में पर्यटकों का पसीना छुड़ा रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

मसूरी और नैनीताल में लग रहे जाम से पर्यटकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भीड़ बढ़ने पर दोनों पर्यटन स्थलों से शटल सेवा की व्यवस्था भी की गई है।

मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती तपिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों का ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन परवान चढ़ चुका है। बुधवार को नैनीताल में ही करीब सात हजार से अधिक सैलानियों के पहुंचने का अनुमान है।

वीकेंड न होने से यद्यपि मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन शहर में माल रोड सहित आंतरिक सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। पार्किंग स्थलों के अभाव के कारण समस्या बढ़ी। मस्जिद चौराहा, चिड़ियाघर रोड, मेट्रोपोल रोड में कई बार जाम लगा।

हल्द्वानी, कालाढूंगी और भवाली मार्ग पर यातायात रेंगता नजर आया। नौका विहार करने वालों का पूरे दिन तांता लगा रहा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पीआरओ रुचिर साह के अनुसार कैंची धाम के प्रति बढ़ती आस्था से इस बार गुजरात का पर्यटक अधिक आ रहा है। मसूरी में भी बुधवार को होटल, गेस्ट हाउस पैक रहे।


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