देहरादून: यूटीयू में सूफी कव्वाली की सुरमयी शाम, नियाज़ी ब्रदर्स ने बांधा समां

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देहरादून, 18 मार्च 2026 (बुधवार)।
वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में SPIC MACAY के तत्वावधान में आयोजित सूफी कव्वाली कार्यक्रम ने पूरे परिसर को सुर और आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में रामपुर घराने के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सूफी कव्वाल शाहिद नियाज़ी और सामी नियाज़ी (नियाज़ी ब्रदर्स) ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और अधिकारियों की उपस्थिति रही। नियाज़ी ब्रदर्स ने अपनी सूफियाना अंदाज़ में पेश की गई कव्वालियों के माध्यम से प्रेम, सौहार्द और सूफी दर्शन का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
नियाज़ी ब्रदर्स रामपुर घराने की लगभग 250 वर्ष पुरानी समृद्ध संगीत परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने उस्ताद गुलाम आबिद नियाज़ी, उस्ताद रईस उद्दीन वारसी और उस्ताद सखावत हुसैन खान नियाज़ी जैसे दिग्गज गुरुओं से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त की है। उनके साथ मंच पर कोरस में मुक़र्रम नियाज़ी, माजिद नियाज़ी, हमीद हुसैन एवं मुज़फ़्फ़र अली, ढोलक पर वासिफ़ अहमद और तबला पर विजय कुमार ने संगत की।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया और सूफी संगीत की परंपरा, उसकी गहराई तथा आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, रजिस्ट्रार डॉ. राजेश उपाध्याय, निदेशक डब्ल्यूआईटी डॉ. मनोज पांडा एवं श्रीमती विद्या श्रीवासन सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा कलाकारों को प्लांटर भेंट कर सम्मानित किया गया।
कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं से जोड़ने, सांस्कृतिक संवेदनशीलता विकसित करने और उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन जोरदार तालियों और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच


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