NDA-3 सरकार के दो साल पूरे होने से ठीक पहले हुए इस मिड-टर्म रिव्यू ने कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलों को हवा दी है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
टॉप 5 लिस्ट किस आधार पर तैयार की गईं?
सूत्रों के मुताबिक लगभग चार घंटे चली यह मीटिंग सिर्फ एक आम चर्चा नहीं थी बल्कि मंत्रालयों के परफॉर्मेंस का पूरा ऑडिट था. कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा और नीति आयोग के वाइस चेयरमैन ने अलग-अलग सुधारों और मंत्रालयों के कामकाज पर डिटेल्ड प्रेजेंटेशन दिए.
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- मंत्रालयों की रैंकिंग दो मुख्य पैरामीटर पर आधारित थी:
- फाइल डिस्पोजल: मंत्रालयों में सरकारी फ़ाइलें कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
- पब्लिक शिकायतें: पब्लिक शिकायतों को हल करने में मंत्रालय का तरीका कितना धीमा या तेज है.
इन पैरामीटर के आधार पर मीटिंग में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले “टॉप 5” और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले “बॉटम 5” मंत्रालयों की एक साफ लिस्ट (रैंकिंग) पेश की गई. हालांकि इन खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों के नाम अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं, लेकिन इस लिस्ट के जारी होने से कई मंत्री परेशान हो गए हैं.
बॉटम 5 मंत्रियों को PM की सीधी चेतावनी
रैंकिंग में सबसे कम प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों के लिए प्रधानमंत्री का संदेश साफ़ था. नीचे रैंक वाले मंत्रालयों को सख़्त निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत अपने काम करने के तरीकों में सुधार करें और ज़रूरी सुधार के कदम उठाएं. PM ने ज़ोर दिया कि फ़ैसले जल्दी लिए जाने चाहिए, प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जानी चाहिए, और फ़ाइलों को बिना किसी रेड टेप के निपटाया जाना चाहिए.
क्या मोदी कैबिनेट में जल्द ही कोई बड़ा फेरबदल होगा?
मोदी सरकार का तीसरा टर्म (NDA-3) 9 जून, 2026 को दो साल पूरे कर रहा है. सरकार की इस दूसरी सालगिरह से पहले सभी केंद्रीय मंत्रियों को दिल्ली में रहने के निर्देश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है.
जिस तरह से मीटिंग में ‘रिपोर्ट कार्ड’ के आधार पर मंत्रालयों के परफॉर्मेंस का आकलन किया गया, उससे इस बात के पक्के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री जल्द ही अपनी टीम में कोई बड़ा बदलाव कर सकते हैं. माना जा रहा है कि जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, उन्हें कैबिनेट से हटाया जा सकता है या उनके डिपार्टमेंट बदले जा सकते हैं. वहीं, अच्छा परफॉर्म करने वाले युवा नेताओं को ऊपर उठाया जा सकता है.
‘सुधारों से लोगों की ज़िंदगी आसान होनी चाहिए’
इस मीटिंग में एग्रीकल्चर, लेबर, रोड ट्रांसपोर्ट, कॉर्पोरेट अफेयर्स, एक्सटर्नल अफेयर्स, कॉमर्स और एनर्जी समेत कई अहम मंत्रालयों ने पिछले दो सालों में अपने काम का ब्योरा पेश किया. प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों और टॉप ब्यूरोक्रेट्स से साफ-साफ कहा कि सरकार का काम लोगों की ज़िंदगी में बेवजह दखल देना नहीं है, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनकी मदद करना है.
‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ पर फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि हर नए सुधार और पहल का आखिरी मकसद आम नागरिक की ज़िंदगी को आसान बनाना होना चाहिए. PM ने मंत्रियों को यह भी याद दिलाया कि ‘डेवलप्ड इंडिया 2047’ सिर्फ एक पॉलिटिकल नारा नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति सरकार का पक्का वादा है.
