प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने ₹8,140 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

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कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने ₹8,140 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन (₹930 करोड़ से अधिक) और शिलान्यास (₹7,210 करोड़ से अधिक) किया। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से पीने के पानी, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।

किसानों के लिए सहायता राशि

इस अवसर पर, पीएम मोदी ने PM फसल बीमा योजना के तहत 28,000 से अधिक किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में ₹62 करोड़ की सहायता राशि भी वितरित की। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

उत्तराखंड की प्रगति का जश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए 9 नवंबर (उत्तराखंड स्थापना दिवस) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह दिन एक लंबी मेहनत का परिणाम है। आज का दिन हमें गर्व महसूस कराता है। उत्तराखंड के लोगों का सपना 25 साल पहले अटल जी की सरकार में पूरा हुआ।’

उत्तराखंड की बदलती तस्वीर

पीएम ने कहा कि डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार उत्तराखंड की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन के बाद अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि आज जब राज्य 25 साल पूरे कर रहा है, तो यह उत्तराखंड की प्रगति का दौर है।

उत्तराखंड का विकास

प्रधानमंत्री ने पिछले 25 वर्षों में राज्य के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने बताया, ’25 साल पहले, उत्तराखंड का बजट 4,000 करोड़ रुपये था, और आज यह 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है।’

पीएम ने कहा, ‘पहले छह महीने में 4,000 टूरिस्ट हवाई जहाज से उत्तराखंड आते थे, लेकिन अब 4,000 टूरिस्ट रोजाना हवाई जहाज से उत्तराखंड आते हैं। पिछले 25 वर्षों में इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 10 गुना बढ़ गई है। पहले केवल 1 मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब राज्य में 10 मेडिकल कॉलेज हैं।’ उन्होंने कहा कि पहले संसाधन सीमित थे और राज्य का बजट छोटा था, लेकिन अब हर क्षेत्र में प्रगति हो रही है।


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