देहरादून/उत्तराखंड। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से संबंधित संपत्ति का विवरण एक बार फिर चर्चा का विषय बन सकता है। उपलब्ध MyNeta विवरण के अनुसार, उनके चुनावी हलफनामे के प्रथम पृष्ठ पर कुल संपत्ति ₹25,20,18,003 यानी करीब ₹25.20 करोड़ और कुल देनदारियां ₹82,81,104 यानी लगभग ₹82.81 लाख दर्ज हैं। इस विवरण में कृषि भूमि, आवासीय भवन, कौसानी स्थित होटल, पेट्रोल पंप, बैंक खातों में जमा धनराशि, बीमा पॉलिसियां, कंपनियों में हिस्सेदारी, सोना और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों का उल्लेख है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट की विभिन्न तालिकाओं में घोषित कुल और अलग-अलग मदों को जोड़कर निकाले गए योग में अंतर दिखाई देता है। इन अंतरों के कारण मूल चुनावी शपथपत्र तथा संबंधित अभिलेखों से आंकड़ों का मिलान आवश्यक हो जाता है। फिलहाल इन विसंगतियों को किसी वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
नैनीताल के लवेशाल में जमीन की 19 खरीद प्रविष्टियां
उपलब्ध विवरण में रेखा आर्य के नाम नैनीताल जिले के ग्राम लवेशाल में भूमि की 19 खरीद प्रविष्टियां दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2010 से 2013 के बीच अलग-अलग तारीखों पर भूमि खरीदने का उल्लेख है। विभिन्न प्रविष्टियों में जमीन की खरीद कीमत कुछ लाख रुपये से लेकर ₹18 लाख से अधिक तक दिखाई गई है।
इन 19 प्रविष्टियों के खरीद मूल्यों का कुल योग ₹1.29 करोड़ से अधिक बताया गया है, जबकि संबंधित भूमि समूह का अनुमानित बाजार मूल्य ₹5 करोड़ दर्ज है। रिपोर्ट में एक विसंगति यह भी दिखाई देती है कि अलग-अलग खरीद प्रविष्टियों में कीमत दर्ज होने के बावजूद समेकित विवरण में खरीद लागत शून्य दिखाई गई है। इसका कारण रिपोर्टिंग प्रारूप, डेटा प्रविष्टि या अन्य कोई तथ्य है, इसकी पुष्टि मूल शपथपत्र और भूमि के विक्रय विलेखों से ही हो सकती है।
इसके अतिरिक्त लवेशाल के अन्य खाता नंबरों में सात नाली भूमि का बाजार मूल्य ₹50 लाख बताया गया है। ऊधमसिंह नगर जिले के सिरौली खुर्द, लालपुर तथा बागेश्वर जिले के कौसानी में भी कृषि भूमि की प्रविष्टियां दर्ज हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रेखा आर्य के नाम दर्ज इन कृषि भूमि समूहों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग ₹7.31 करोड़ बताया गया है।
पति के नाम 5.147 हेक्टेयर कृषि भूमि
रेखा आर्य के पति के नाम उत्तर प्रदेश के नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम दमिपुर में विभिन्न खाता नंबरों के अंतर्गत 5.147 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज होने का उल्लेख है। उपलब्ध विवरण में इसकी खरीद तारीख 22 मार्च 2012, खरीद मूल्य ₹54.30 लाख और बाजार मूल्य ₹2 करोड़ बताया गया है।
रेखा आर्य तथा उनके पति के नाम दर्ज कृषि भूमि का संयुक्त बाजार मूल्य उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर लगभग ₹9.31 करोड़ बताया गया है। यह राशि चुनावी विवरण में घोषित बाजार मूल्यों पर आधारित है। इसे वर्तमान बाजार मूल्य या स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं माना जाना चाहिए।
कौसानी का होटल और खेड़ा का पेट्रोल पंप
व्यावसायिक संपत्तियों में कौसानी स्थित होटल और ग्राम खेड़ा स्थित पेट्रोल पंप का उल्लेख प्रमुख है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कौसानी के होटल से संबंधित भूमि का क्षेत्रफल छह नाली बताया गया है। इसकी खरीद 20 अगस्त 2014 को ₹55 लाख में हुई और बाजार मूल्य ₹2 करोड़ दर्ज है।
वहीं, ग्राम खेड़ा स्थित पेट्रोल पंप का क्षेत्रफल 2,380 वर्गमीटर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे 25 नवंबर 2021 को ₹1.30 करोड़ में खरीदा गया था और इसका बाजार मूल्य ₹1.35 करोड़ दर्ज है।
रेखा आर्य के पति के नाम पीलीभीत के सुरेश शर्मा नगर में 250 वर्गगज की व्यावसायिक संपत्ति भी दिखाई गई है। इसका बाजार मूल्य ₹1.25 करोड़ बताया गया है। इन तीनों संपत्तियों का संयुक्त घोषित बाजार मूल्य लगभग ₹4.60 करोड़ बनता है।
हालांकि, होटल, पेट्रोल पंप, उनसे संबंधित भूमि और व्यावसायिक संचालन के स्वामित्व को अलग-अलग समझना जरूरी है। केवल घोषित संपत्ति मूल्य से कारोबार की आय या लाभ का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
आवासीय संपत्तियां और अचल संपत्तियों के योग में अंतर
उपलब्ध विवरण में अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के पल्यूरा गांव, हल्द्वानी के लालपुर नायक, हरिपुर भंवर तथा नवादा जोगियान की संपत्तियों का उल्लेख है। इन प्रविष्टियों में भूमि, भवन और निर्माण क्षेत्र के साथ खरीद मूल्य तथा बाजार मूल्य दर्ज हैं।
लालपुर नायक स्थित संपत्ति में 4,100 वर्गमीटर भूमि और 5,000 वर्गफुट निर्माण का उल्लेख है। इसका बाजार मूल्य ₹3 करोड़ बताया गया है। वहीं, पल्यूरा की दो प्रविष्टियों में समान क्षेत्रफल, समान खरीद मूल्य और प्रत्येक का बाजार मूल्य ₹35 लाख दर्ज है। इन प्रविष्टियों के अलग-अलग संपत्तियों से संबंधित होने की पुष्टि आवश्यक है।
हरिपुर भंवर स्थित संपत्ति की खरीद तारीख उपलब्ध रिपोर्ट में 29 जून 2029 दिखाई गई है, जो वर्ष 2022 के चुनावी विवरण के संदर्भ में कालक्रम से मेल नहीं खाती। इसे संभावित डेटा त्रुटि मानते हुए मूल दस्तावेज से सही तारीख की पुष्टि की जानी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण अंतर अचल संपत्तियों के कुल में दिखाई देता है। रिपोर्ट के अनुसार, रेखा आर्य की अचल संपत्तियों का घोषित कुल ₹13.76 करोड़ है, जबकि सूचीबद्ध संपत्तियों के मूल्यों को जोड़ने पर ₹14.76 करोड़ का योग निकलता है। यानी ₹1 करोड़ का अंतर है। पति के नाम अचल संपत्तियों का कुल ₹3.25 करोड़ बताया गया है। दोनों को मिलाकर घोषित योग ₹17.01 करोड़ और सूचीबद्ध मूल्यों के आधार पर योग ₹18.01 करोड़ बनता है।
बैंक खातों, निवेश और बीमा का विवरण
चल संपत्तियों के विवरण में नकदी, बैंक जमा, कंपनियों में हिस्सेदारी, बीमा पॉलिसियां, सोना और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में रेखा आर्य और उनके पति के पास ₹10-10 लाख नकद दर्ज है। बैंक खातों में अलग-अलग शाखाओं की कई प्रविष्टियां हैं, जिनमें कुछ खातों में बड़ी रकम जमा दिखाई गई है।
रिपोर्ट में Krishna Vaihnavi Infra Developers Pvt. Ltd. तथा Bankhandi Rudraksh Dham Infra Developers Pvt. Ltd. में रेखा आर्य और उनके पति की हिस्सेदारी का उल्लेख है। इसके अलावा एलआईसी और अन्य बीमा पॉलिसियों की प्रविष्टियां भी दर्ज हैं। बीमा के मामले में यह समझना जरूरी है कि रिपोर्ट में दर्ज रकम प्रीमियम, पॉलिसी मूल्य या समर्पण मूल्य में से किस मद को दर्शाती है।
सोने के विवरण में रेखा आर्य के नाम 1.15 किलोग्राम सोना, जिसकी घोषित कीमत ₹58.92 लाख से अधिक है, दर्ज बताया गया है। उनके पति के नाम 250 ग्राम सोना और लगभग ₹11.78 लाख का मूल्य दर्ज है। राइफल और रिवॉल्वर की प्रविष्टियां भी उपलब्ध विवरण में दिखाई गई हैं।
रिपोर्ट में पति और आश्रितों के नाम दूसरों को दिए गए ऋण और अग्रिम की चार प्रविष्टियों का कुल ₹3.42 करोड़ बताया गया है। इनमें राकेश कुमार और Sanky Kumar के नाम अलग-अलग रकम दर्ज हैं। इन लेनदेन की प्रकृति, शर्तों, भुगतान के स्रोत और वापसी की स्थिति के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित दस्तावेजों की जरूरत होगी।
चल संपत्तियों में भी घोषित और गणना किए गए कुल अलग
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रेखा आर्य की चल संपत्तियों का घोषित कुल ₹3,23,32,420.74 है, जबकि सूचीबद्ध मदों का गणना किया गया कुल ₹3,33,34,420.74 बताया गया है। दोनों में ₹10,02,000 का अंतर है।
पति की चल संपत्तियों में घोषित और गणना किए गए कुल के बीच ₹83,299.24 का अंतर बताया गया है। दूसरे आश्रित के विवरण में भी ₹99 का अंतर दिखाई देता है। चारों सदस्यों की घोषित चल संपत्तियों का कुल ₹7.80 करोड़ से अधिक और गणना के आधार पर कुल लगभग ₹7.91 करोड़ बताया गया है।
इन अंतरों का कारण किसी मद का छूटना, गलत प्रविष्टि, दोहरी गणना या रिपोर्ट तैयार करने के दौरान हुई अन्य त्रुटि हो सकती है। बिना मूल दस्तावेजों के किसी एक कारण को सही नहीं ठहराया जा सकता।
कुल संपत्ति ₹25.20 करोड़, लेकिन मिलान जरूरी
रिपोर्ट के प्रथम पृष्ठ पर कुल संपत्ति ₹25.20 करोड़ दर्ज है। वहीं, भीतर की तालिकाओं में घोषित चल और अचल संपत्तियों को जोड़ने पर लगभग ₹24.81 करोड़ का योग बनता है। सूचीबद्ध मदों के आधार पर गणना किया गया संयुक्त कुल लगभग ₹25.92 करोड़ बताया गया है।
इन तीनों आंकड़ों के बीच अंतर होने से मूल शपथपत्र और रिपोर्ट की गणना पद्धति का सत्यापन जरूरी हो जाता है। रिपोर्ट में बैंक ऑफ इंडिया, देहरादून का ₹82.81 लाख से अधिक का ऋण भी दर्ज है। किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति और शुद्ध संपत्ति अलग-अलग अवधारणाएं हैं; वित्तीय स्थिति का आकलन करते समय देनदारियों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
2017 से 2022 के बीच घोषित संपत्ति में दोगुने से अधिक वृद्धि
उपलब्ध चुनावी विवरण में वर्ष 2012 के लिए ₹4.16 करोड़, वर्ष 2014 के उपचुनाव के लिए ₹6.72 करोड़, वर्ष 2017 के लिए ₹12.78 करोड़ और वर्ष 2022 के लिए ₹25.20 करोड़ की कुल संपत्ति दर्ज बताई गई है।
इन आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से 2022 के बीच घोषित संपत्ति में लगभग ₹12.42 करोड़ की वृद्धि हुई। हालांकि, इस वृद्धि को अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए दोनों चुनावों के शपथपत्रों, संपत्ति खरीद की तारीखों, मूल्यांकन, आय, निवेश, ऋण और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की तुलना आवश्यक है।
पारदर्शिता के लिए आधिकारिक स्पष्टीकरण जरूरी
उपलब्ध विवरण से कुछ प्रमुख सवाल सामने आते हैं—अचल संपत्तियों के घोषित और गणना किए गए कुल में ₹1 करोड़ का अंतर क्यों है? चल संपत्तियों के आंकड़े अलग-अलग क्यों हैं? प्रथम पृष्ठ पर दर्ज ₹25.20 करोड़ का कुल भीतर की तालिकाओं से किस प्रकार मेल खाता है? हरिपुर भंवर की संपत्ति की खरीद तारीख में दिखाई देने वाली विसंगति का सही विवरण क्या है? परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज ₹3.42 करोड़ के ऋण और अग्रिम की शर्तें क्या हैं?
इन सवालों का उत्तर मूल चुनावी शपथपत्र, भूमि अभिलेखों, बैंक दस्तावेजों तथा संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन से ही मिल सकता है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक स्पष्टीकरण भी तस्वीर स्पष्ट करने में मददगार होगा।
निष्कर्ष: वर्ष 2022 के चुनावी विवरण में रेखा आर्य की कुल संपत्ति लगभग ₹25.20 करोड़ और देनदारियां लगभग ₹82.81 लाख दर्ज बताई गई हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में कई मदों के योग और तारीखों के बीच अंतर दिखाई देता है, जिनका दस्तावेजों से मिलान आवश्यक है। संपत्ति का बड़ा होना अपने आप में गलत कार्य का प्रमाण नहीं है और आंकड़ों में अंतर भी जांच के बिना अनियमितता सिद्ध नहीं करता। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता के लिए जरूरी है कि सवाल तथ्यों के आधार पर उठें और उनका जवाब प्रमाणित दस्तावेजों से सामने आए।
नोट: यह समाचार उपलब्ध वर्ष 2022 के चुनावी संपत्ति विवरण में दिए गए आंकड़ों पर आधारित है। मूल शपथपत्र और संबंधित अभिलेखों के स्वतंत्र सत्यापन के बिना किसी वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
