

25 दिसंबर को श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के संस्थापक एवं भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर रुद्रपुर के पांच मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व निकाली गई भव्य कलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर सामने आई। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की सक्रिय और प्रमुख सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लक्ष्मी नारायण पांच मंदिर से प्रारंभ हुई कलश यात्रा में पूर्व विधायक ठुकराल का श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलना, उनके जनसरोकार और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक रहा। मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से होती हुई दुर्गा मंदिर तक पहुंची इस यात्रा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद किया और धार्मिक आयोजनों के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
पंडित मदन मोहन मालवीय जी के राष्ट्र, धर्म और शिक्षा के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए ठुकराल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन समाज को संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं। उन्होंने सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को सामूहिक दायित्व बताते हुए ऐसे आयोजनों को सामाजिक एकता का माध्यम बताया।
कलश यात्रा में सनातन धर्म सभा अध्यक्ष महेश बब्बर सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही, परंतु पूरे आयोजन में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की मार्गदर्शक भूमिका और सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। आयोजकों और नगरवासियों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने शांतिपूर्ण एवं भव्य आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।
कुल मिलाकर, मालवीय जयंती के अवसर पर निकली यह कलश यात्रा सनातन चेतना के जागरण का प्रतीक बनी और आगामी श्रीमद्भागवत कथा को लेकर रुद्रपुर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण और अधिक सुदृढ़ हुआ।




