रुद्रपुर। खटीमा में आईटीबीपी महिला जवान और एक अन्य मामले में मतांतरण कराने वाले मुख्य आरोपित समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें एक महिला भी शामिल है।

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जबकि दो अन्य मतांतरण मामले की जांच एसआईटी कर रही है। गिरफ्तार मुख्य आरोपित पर खटीमा में दो और नानकमत्ता में एक प्राथमिकी पंजीकृत है, अन्य का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि 23 मई को खटीमा के ग्राम दियां निवासी आईटीबीपी में तैनात महिला जवान निवलेश राणा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति संदीप सिंह राणा, कमलजीत सिंह और दान सिंह राणा जबरन उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाब बना रहे हैं।

विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही है। इस पर पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ली थी।

इसके अलावा मुंडेली खटीमा निवासी रामपाल ने 10 मई को शिकायत दर्ज कराई थी कि जय सिंह राणा, द्रोपदी राणा और सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह खटीमा के थारू बाहुल्य गांवों में अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को लगातार निशाना बनाकर प्रार्थना सभा में बुलाते हैं।

हिंदू धर्म के संबंध में भ्रामक एवं अपमानजनक बातें करते हैं तथा ईसाई धर्म की विशेषता बताकर लोगों को प्रभावित करते हैं। मतांतरण के लिए लोगों को मानसिक रूप से तैयार किया जाता है।

इस मामले में भी पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच एसआईटी को सौंप दी थी। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि प्राथमिकी पंजीकृत करने के बाद एसआईटी मतांतरण कराने वालों की तलाश में जुट गई थी।

जिसके बाद बुधवार को पुलिस ने टीम ने मतांतरण कराने वाले मुख्य आरोपित मोहम्मदपुर भुड़िया खटीमा निवासी दान सिंह पुत्र चमन सिंह राणा और भूड़ महोलिया खटीमा निवासी सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसील पुत्र तरसेम सिंह के साथ ही कुटरी चकरपुर खटीमा निवासी जय सिंह पुत्र परशुराम राणा और उसकी पत्नी द्रोपदी राणा को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि चारों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बताया कि पंजीकृत दो प्राथमिकी में नामजद आरोपितों की भी तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बताया कि मुख्य आरोपित दान सिंह पर वर्ष, 2026 में नानकमत्ता में एक और खटीमा में दो मतांतरण की प्राथमिकी पंजीकृत है। जांच की जा रही है कि इससे पहले तो उस पर प्राथमिकी पंजीकृत नहीं हुए हैं।

इसके अलावा जय सिंह, द्रोपदी राणा और सुनील जार्ज का भी आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इसके लिए जिले के साथ ही यूपी क्षेत्र की पुलिस से भी संपर्क किया है।


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