सबसे ज्यादा 4-4 सीटों पर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में चुनाव होंगे जबकि मध्य प्रदेश की 3 सीटों पर वोटिंग कराई जाएगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
इसके अलावा झारखंड, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी चुनाव होंगे।
आपको बता दें कि बड़े नेताओं की राज्यसभा सदस्यता समाप्त हो रही है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, दिग्विजय सिंह, शक्तिसिंह गोहिल, दिग्विजय सिंह, नबाम रेबिया, एचडी देवगौड़ा जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन की मृत्यु के बाद से उनकी सीट 4 अगस्त 2025 से खाली है।
इसके अलावा इस्तीफे की वजह से खाली हुईं दो राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव होने जा रहा है। पहली-महाराष्ट्र से सुनेत्रा पवार की खाली सीट और दूसरी- सी वी षणमुगम के विधायक बनने के बाद इस्तीफा देने से तमिलनाडु की सीट खाली हुई है।
चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मतदान में सिर्फ रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दी गई विशेष वायलेट स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। चुनाव की निगरानी के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।
चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 जून 2026 को नोटिफिकेशन जारी की जाएगी और नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून 2026 होगी। वहीं 9 जून 2026 तक नामांकन की जांच की जाएगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 11 जून 2026 है। मतदान 18 जून 2026 को होगा।
जानकारी के मुताबिक 18 जून 2026 को शाम 5 बजे वोटों की गिनती होगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तारीख 20 जून 2026 तय की गई है।
किन राज्यों में कितनी सीटें
आंध्र प्रदेश – 4 सीट
गुजरात – 4 सीट
कर्नाटक – 4 सीट
राजस्थान – 3 सीट
मध्य प्रदेश – 3 सीट
झारखंड – 2 सीट
अरुणाचल प्रदेश -1 सीट
मणिपुर – 1 सीट
मेघालय – 1 सीट
मिजोरम – 1 सीट
: ‘यह आगे की ओर देखने का समय है’, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बोले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने कैबिनेट को 2047 का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा है जिससे आगामी सालों तक विभिन्न सुधार पहलों के जरिए लोगों का जीवन अधिक सुविधानजनक बन सके। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी के सुधारों पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए, ताकि 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
