

दिनभर चली इस लड़ाई के बाद रात होते-होते एक राहत भरी खबर ये आ रही है कि दोनों देश फिर से बातचीत को तैयार हो रहे हैं. ईरान के गुस्से को देखते हुए ये मुश्किल लग रहा था लेकिन एक बार फिर से खाड़ी देश ओमान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश की है. इसके बाद ईरान भी वार्ता के लिए तैयार हो गया है. इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ओमान के विदेश मंत्री से बात की थी. उधर अमेरिका ने ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म ही कर दी है लेकिन अब ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे नई लीडरशिप से बातचीत करने को तैयार हैं.

अमेरिका के ऑपरेशन फ्यूरी के तहत ईरान की राजधानी तेहरान से लेकर करीब 20 शहरों में 24 घंटे के अंदर कोहराम मच गया. इस देश में हर तरफ चीख-पुकार और मातम मच गया. ये देश एक ही बार में 48 नेताओं की मौत पर दहाड़ें मारकर रोया लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि ये ईरान के लिए खुशी का दिन है. उन्होंने कहा कि पूरा ईरान इस वक्त खामेनेई की मौत पर जश्न मना रहा है और उन्होंने जो किया, वो बिल्कुल ठीक था. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे ऑपरेशन को लेकर अपनी राय देते हुए कहा कि एक ही बार में उन्होंने ईरान के 48 नेताओं को साफ कर दिया.
नई लीडरशिप से बातचीत को कैसे तैयार हुए ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी नेता बातचीत करना चाहते हैं और उन्होंने भी बातचीत के लिए सहमति दे दी है. मैगजीन द अटलांटिक के मुताबिक
ट्रंप ने कहा- ‘वे बात करना चाहते हैं और मैंने भी बातचीत के लिए हामी भर दी है. मैं उनसे बात करूंगा. उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था. उन्होंने ये करने में देर कर दी.’
जब उनसे पूछा गया कि बातचीत कब होगी, तो ट्रंप ने कहा- ‘मैं आपको यह नहीं बता सकता.’ उन्होंने तारीख या समय के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. इससे संकेत मिलता है कि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की तैयारी चल रही है, लेकिन इसकी समय-सीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. एक बार फिर से ओमान ने दोनों देशों को वार्ता के लिए मनाया है. इससे पहले भी यही देश दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा था. यही वजह है कि ईरान ने अपने प्रलयंकर हमलों में भी ओमान को बख्शा हुआ था.
विदेश मंत्री जयशंकर ने की ओमान से बात
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर भी लगातार इस युद्ध के बीच खाड़ी देशों और ईरान से भी संपर्क में रहे. उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री से बातचीत की और मौजूदा हालात पर उनके नजरिये से सहमति भी जताई. भारत भी इन हालात को सामान्य करने और बातचीत से ही मामले को सुलझाने के पक्ष में रहा है. वहीं इंडोनेशिया की ओर से भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की गई है. ईरान के राजदूतावास की ओर से इसका स्वागत किया गया है. इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि राष्ट्रपति प्रबोवो सबियांतो जरूरत पड़ने पर तेहरान जाने के लिए तैयार हैं, ताकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके, बशर्ते दोनों ही पक्ष इसके लिए राजी हों.




