

उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से बीते दिनों दिए गए आदेश के बाद सीबीआई की देहरादून शाखा ने सोसाइटी के संचालकों, अधिकारियों और एजेंटों के खिलाफ नियमित केस दर्ज किया है। इसमें फिल्मी हस्तियों समेत 46 लोग नामजद किए गए हैं।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
उत्तराखंड में हुए इस घोटाले में 800 करोड़ रुपये से अधिक के गोलमाल का अनुमान है। मामले में सीबीआई ने राज्य पुलिस की ओर से पौड़ी गढ़वाल, देहरादून,हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में दर्ज 18 अलग-अलग एफआईआर को अपने हाथ में लेते हुए एक केस में समाहित कर लिया है। यह मामला करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट (बड्स ) के तहत दर्ज किया गया है।
सीबीआई की एफआईआर में मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल के अलावा गिरीश चंद सिंह बिष्ट, उर्मिला बिष्ट जैसे स्थानीय एजेंटों साथ ब्रांड एंबेसडर के तौर पर अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ के नाम शामिल हैं। सीबीआई जल्द ही आरोपियों की धरपकड़ और संपत्तियों की कुर्की के लिए छापेमारी शुरू कर सकती है। मालूम हो कि इस घोटाले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश के कई शहरों में पीड़ितों ने प्रदर्शन-आंदोलन किए थे।
निवेशकों के सपने टूटे
चिटफंड घोटाले ने कई लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भविष्य को लेकर दूनवासियों ने जो सपने उन्होंने संजोए थे वह भी चंद मिनटों में टूट गई। दिन रात मेहनत कर लोगों कंपनी में पैसे जमा कर आए थे। कई लोगों ने बच्चों की पढ़ाई और शादी के लिए किस्तें जमा की लेकिन बाद में उन्हें सिर्फ धोखा मिला।
1. पित्थूवाला की अरुणलता बेंजवाल के पति प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से दिसंबर 2021 से इस कंपनी के मुताबिक प्रतिमाह किस्त जमा की। करीब तीन वर्ष तक किस्त जमा की। इसके बदले उन्हें एक लाख रुपये मिलने थे पर पता चला कि कंपनी ने धोखा दिया है और उनके सपने टूट गए।
2. बंजारावाला के संजय ने बताया कि उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए हर महीने एक हजार रुपये जमा किए थे पर बाद में उनके साथ धोखा हो गया। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली थी कि कंपनी लोगों के साथ धोखा किया है।




