

रुद्रपुर। बनभूलपुरा, तहसील हल्द्वानी स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र में फर्जी अभिलेखों के आधार पर अवैध रूप से स्थाई निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। आयुक्त कुमाऊं मंडल नैनीताल द्वारा की गई छापेमारी के दौरान यह घोटाला उजागर हुआ, जिसके बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया ने सभी उप जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि पिछले पांच वर्षों के अंदर जारी किए गए सभी स्थाई निवास प्रमाण-पत्रों का सत्यापन अभियान चलाकर पुनः परीक्षण किया जाए। साथ ही सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित Customer Service Centers (CSC/CSC-VLE) का औचक निरीक्षण करेंगे।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि—
🔹 किसी भी प्रमाण-पत्र के फर्जी, असत्य या अप्रमाणिक आधार पाए जाने पर उसे तत्काल निरस्त किया जाए
🔹 दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
🔹 प्रमाण पत्र जारी करने में लिप्त केंद्र संचालकों एवं सहयोगियों पर भी मामला दर्ज किया जाए
जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थाई निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जाना गंभीर अपराध है, जो न केवल सरकारी व्यवस्था को दूषित करता है बल्कि संवेदनशील योजनाओं और सरकारी लाभों को गलत हाथों तक पहुंचा देता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि —
“इस प्रकार की अनियमितताओं को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की जालसाजी पर लगाम नहीं लगाई गई तो यह आव्रजन, चुनावी प्रक्रियाओं, सरकारी योजनाओं व आरक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए जिले में बड़े स्तर पर सत्यापन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
अगले कुछ दिनों में निरीक्षण अभियान तेज होने की संभावना है, और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर एसआईटी या विशेष जांच दल भी गठित किया जा सकता है।
इस बीच, आम जनता से भी अपील की गई है कि सरकारी प्रमाण पत्र बनवाते समय केवल अधिकृत एवं मान्यता प्राप्त माध्यमों का ही उपयोग करें तथा किसी भी अनियमित गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को उपलब्ध कराएं।




