

रुद्रपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली कल्याणी नदी एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार कारण है – उसकी सफाई का अभूतपूर्व अभियान। नगर निगम रुद्रपुर ने दो पोकलैंड, कई जेसीबी और डंपर मशीनों के साथ कल्याणी को गंदगी के दलदल से निकालने की ठान ली है। महापौर विकास शर्मा और नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल ने शनिवार को इस महाअभियान की शुरुआत कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अबकी बार बारिश में रुद्रपुर डूबेगा नहीं, बल्कि निखरेगा।

📍 अभियान का स्वरूप:
करीब 20 दिनों तक चलने वाले इस सफाई अभियान में अटरिया रोड से लेकर किच्छा रोड तक कल्याणी की तलहटी को साफ किया जाएगा। एक पोकलैंड मशीन अटरिया मोड़ से तो दूसरी किच्छा रोड से नदी की सफाई कर रही है। जेसीबी और डंपर मशीनों के साथ पूरा नगर निगम अमला मैदान में उतर आया है।
🗣️ क्या सिर्फ सफाई ही काफी है?
महापौर विकास शर्मा ने दावा किया कि कल्याणी को उसके “मूल स्वरूप” में लौटाने के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। लेकिन सवाल ये है कि क्या महज सफाई से नदी का कायाकल्प संभव है?
इस प्रश्न का उत्तर महापौर स्वयं ही दे जाते हैं — जनसहयोग के बिना कुछ संभव नहीं। यानी अगर आस-पास के लोग दोबारा कूड़ा नदी में फेंकते हैं, तो यह पूरी कवायद एक बार फिर बेकार हो जाएगी।
📰 हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की खबर का असर
पिछले हफ्ते हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स ने कल्याणी नदी की बदहाली और उससे जुड़े चुनावी वादों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। उसी का असर माना जा रहा है कि नगर निगम ने अचानक सक्रियता दिखाई और इस महाअभियान की शुरुआत की।
🌧️ बरसात की चुनौती — अबकी बार या हर बार?
रुद्रपुरवासियों को याद है कि पिछली कई बरसातों में कल्याणी नदी ने ‘रुद्र रूप’ धारण कर शहर के निचले इलाकों को पानी-पानी कर दिया था। इस बार भी सवाल यही है — क्या यह अभियान सिर्फ एक दिखावा है या वास्तव में नतीजे देगा?
🏞️ और नदियां भी लाइन में…
महापौर ने यह भी जानकारी दी कि गंगापुर रोड की बनरसिया और हल्दिया नहर को भी साफ करने और उनके किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यदि यह योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो रुद्रपुर की तस्वीर बदल सकती है।
🌱 हरियाली और सौंदर्यीकरण की दिशा में भी प्रयास
नगर निगम जल्द ही शहरभर में पौधारोपण अभियान शुरू करेगा। साथ ही डिवाइडर मरम्मत और सौंदर्यीकरण जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
🙏 नागरिकों से अपील
महापौर ने शहरवासियों से अपील की — “नदी, नहर और नालों को कूड़ाघर न बनाएं। स्वच्छता सिर्फ निगम की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।”
महापौर विकास शर्मा ने चुनावों के समय कल्याणी नदी को पूरी तरह कवर्ड करने और अतिक्रमण मुक्त कराने का वादा किया था। अब जबकि सफाई का अभियान शुरू हो चुका है, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स इस प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करेगा। क्या यह स्थायी समाधान की दिशा में एक ठोस कदम है या फिर हर साल की तरह इस बार भी बरसात कल्याणी की असली तस्वीर सामने लाएगी — इसका जवाब समय देगा।
फोटो कैप्शन सुझाव (यदि फील्ड कवरेज है):
- पोकलैंड मशीन अटरिया रोड पर कल्याणी की तलछट हटाते हुए।
- महापौर और नगर आयुक्त सफाई कार्यों का निरीक्षण करते हुए।
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स्थानीय बच्चों ने सफाई अभियान को देखा और सवाल पूछे – क्या कल्याणी फिर से साफ रहेगी?हर बार की तरह इस बार भी कल्याणी नदी की सफाई को लेकर महापौर का फोटोशूट खूब प्रचारित हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अभियान वास्तव में कुछ बदलेगा या सिर्फ खबरों और कैमरों तक सीमित रह जाएगा? जनता बार-बार सफाई के नाम पर दिखावे की आदी हो चुकी है। यदि जनभागीदारी और निरंतर निगरानी नहीं हुई तो यह महज एक और फोटो-ऑप बनकर रह जाएगा। कल्याणी का वास्तविक कायाकल्प तभी संभव है जब इसे चुनावी वादों से ऊपर उठाकर ईमानदारी से योजना और क्रियान्वयन का हिस्सा बनाया जाए।




