परिवहन व पुलिस कर्मियों को अब सीज किए गए वाहनों को रखने के लिए अब थानों व चौकियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए अब परिवहन विभाग हर संभागीय परिवहन कार्यालय व सहायक संभागीय परिवहन कार्यालयों के निकट भूमि की तलाश कर रहा है।

Spread the love

उद्देश्य यह कि यहां वाहन खड़े किए जा सकें। इस कड़ी में विभाग ने हरिद्वार, ऋषिकेश व पौड़ी में जगह भी चिह्नित कर ली है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

प्रदेश में पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा प्रतिदिन चार से पांच हजार वाहनों का चालान किया जाता है। इसमें कागजात पूरे न होने वाले अथवा दुर्घटनाओं में शामिल वाहनों को सीज किया जाता है। ऐसे वाहनों को अमूमन पुलिस थाने व चौकियों में रखा जाता है। कई बार तो वाहन स्वामी इन्हें छुड़ाने नहीं आते तो कई बार अदालती मामलों के कारण ये थानों व चौकियों में ही जंग खाते रहते हैं।

एक नियत समय बाद इन्हें नीलाम कर दिया जाता है। अभी स्थिति यह है कि कई थाने व चौकियों में पुराने वाहनों की भीड़ के कारण नए सीज किए गए वाहनों को रखने की जगह नहीं मिलती। थाने व चौकी वाले भी ऐसी स्थिति में वाहनों को रखने से मना कर देते हैं। ऐसी स्थिति भी आई है कि कई बार पुलिस व परिवहन कर्मियों को वाहन सीज करने के स्थान पर जुर्माना लेकर वाहन को छोड़ना पड़ा है।

इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने सीज किए जाने वाले वाहनों को रखने के लिए अलग जगह चिह्नित करने का निर्णय लिया। इसके लिए परिवहन कार्यालयों के निकट ही सरकारी जमीनें तलाशने की दिशा में काम शुरू किया गया।

इस कड़ी में परिवहन विभाग ने पहले चरण में ऋषिकेश, पौड़ी व हरिद्वार कार्यालय परिसर के पास भूमि को इसके लिए चिह्नित किया है। अगले चरण में अन्य कार्यालयों के निकट भी इसके लिए भूमि चिह्नित की जाएगी।अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह का कहना है कि सभी संभागीय व सहायक संभागीय कार्यालयों को जमीन चिह्नित करने को कहा गया है।


Spread the love