सऊदी अरब के साथ रक्षा डील करके पाकिस्तान ने यमन के हूती विद्रोहियों से सीधा पंगा ले लिया है. हूती को सऊदी का धुर विरोधी माना जाता है. सऊदी का पूरा डिफेंस स्ट्रक्चर हूती विद्रोहियों की वजह से ही है.

Spread the love

पूरे मिडिल ईस्ट में हूती सऊदी का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है.

ऐसे में सऊदी पाकिस्तान डिफेंस डील के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान सऊदी को बचाने के लिए यमन के हूतियों से जंग लड़ेगा? वो भी उन विद्रोहियों से जिससे अमेरिका और इजराइल जैसे सुपरपावर देश नहीं उलझना चाहता है.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

हूती ने हिला रखी है इजराइल-US की चूलें

हूती के विद्रोहियों से इजराइल और अमेरिका दोनों परेशान है. इस साल के शुरुआत में अमेरिका ने हूतियों से जंग लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन जब हूती के विद्रोहियों ने उसके 50 मिलियन डॉलर के हथियार को मार गिराया, तब अमेरिका ने उसके साथ डील कर लिया.

इजराइल पर हूती हर दिन एक से दो मिसाइल दाग रहा है. हिजबुल्लाह और हमास को कमजोर करने वाला इजराइल हूती विद्रोहियों के सामने पस्त है. हूतियों पर अटैक की कई इजराइली कोशिशें अब तक नाकाम साबित हुई है.

हूती की वजह से इजराइल का व्यापार पर भी असर पड़ा है. उसके इयालेट पोर्ट पर कम जहाज आ रहे हैं. वहीं हूतियों की वजह से इजराइल के रक्षा खर्च में बढ़ोतरी हुई है. इतना ही नहीं इजराइल ने हाल ही में हूतियों से निपटने के लिए दुनियाभर से मदद मांगी थी.

सऊदी और हूती के बीच क्या बवाल है?

1990 से 2013 तक यमन में हूती का विद्रोह चला, जिसकी वजह से सऊदी समर्थित सरकार चली गई. 2013 में हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया. सऊदी के लिए यह इसलिए भी झटका था, क्योंकि हूतियों को ईरान से सहयोग मिल रहा था.

सऊदी ने इसके बाद कई बार सना में अपनी सरकार बनाने की कोशिशें की, लेकिन विफल रहा. उलटे हूती विद्रोहियों ने उसके तेल ठिकाने पर अटैक करना शुरू कर दिया. आखिर में दोनों के बीच 2023 में सीजफायर हुआ, लेकिन अब रिश्ते फिर से खराब हो गए हैं.
सऊदी ने हूतियों से निपटने के लिए अमेरिका से हथियार खरीदा है.

यह पाकिस्तान के लिए नुकसानदेह क्यों है?

1. लाल सागर पर हूतियों का दबदबा है. यहां से पाकिस्तान भी अपना कारोबार करता है. पाकिस्तान का लगभग 35 लाख करोड़ रुपए का कारोबार लाल सागर के जरिए होता है. हूती से पंगा लेने पर यहां सीधे नुकसान हो सकता है.

2. पाकिस्तान ईरान का पड़ोसी मुल्क है. हूतियों को ईरान की फंड देता है. हूतियों से पंगा लेने की स्थिति में ईरान और पाकिस्तान के रिश्ते खराब हो सकते हैं. पाकिस्तान के लिए यह टेंशन बढ़ाने वाला है. ईरान और पाक के बीच करीब 900 किमी की सीमा है.


Spread the love