

उत्तराखंड में मौसम की मार लगातार आमजन की मुश्किलें बढ़ा रही है। प्रदेश के मैदानी जिलों में घना कोहरा परेशानी का कारण बना हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने से ठंड और अधिक तीखी हो गई है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार को देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 280 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 322 तक पहुंच गया था। पिछले एक सप्ताह से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
शुष्क मौसम का असर केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखने लगा है। दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है, जिससे मौसम का असंतुलन साफ नजर आ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मैदानी जिलों में आज घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून जनपदों के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है। उधम सिंह नगर और हरिद्वार में कहीं-कहीं शीत दिवस की स्थिति बनने की भी संभावना है, जिसको देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
🌥 रुद्रपुर (उधम सिंह नगर) का मौसम
रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है। सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ रहा है और सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में 20 और 21 दिसंबर को बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं 22 से 24 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा।
घने कोहरे के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है। सुबह और देर रात दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रेलवे परिचालन पर असर पड़ा है और कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। देहरादून एयरपोर्ट पर गुरुवार को दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे सहित 11 उड़ानें अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंचीं।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे रात और सुबह के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और आवश्यक होने पर पूरी सावधानी बरतें।




