महंगाई, बुरी अर्थव्यवस्था और कर्ज के बोझ तले पाकिस्तान ने आखिरकार इस बात को स्वीकार कर ही लिया कि वो भीख का कटोरा लेकर दूसरे देशों से मदद मांगता है। क्वेटा में एक मीटिंग के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया से भीख मांगने वाले कटोरे के साथ नहीं, बल्कि समान साझेदार के रूप में व्यापार, निवेश और नवाचार के लिए संपर्क करना चाहता है।

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किन देशों को अपना दोस्त मानता है पाकिस्तान?

क्वेटा में कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में सेना अधिकारियों को संबोधित करते हुए पीएम शरीफ ने कहा,”चीन, पाकिस्तान का सबसे परखा दोस्त है। सऊदी, अरब, तुर्किये, कतर और यूएई जैसे देश हमारे सबसे भरोसेमंद सहयोगी हैं। यह सभी देश हमसे समान भागीदार की तरह जुड़ना चाहते हैं। हम साथ में व्यापार, नवाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं।”

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट

शहबाज शरीफ ने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का जिक्र करते हुए कहा, “मैं और फील्ड मार्शल असीम मुनीर इस आर्थिक बोझ को कंधे पर उठाने वाले आखिरी लोग हैं। अब यह बोझ पूरे राष्ट्र के कंधों पर है।”

दुनिया से लगातार कर्ज ले रहा पाकिस्तान

कुछ दिनों पहले ही आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर (लगभग 8,500 करोड़ रुपये) का नया लोन दिया है। वहीं, चीन ने पाकिस्तान को जून के अंत से पहले चीनी मुद्रा में 3.7 अरब डॉलर (32 हजार करोड़ रुपये) का वाणिज्यिक ऋण पुन: देने का आश्वासन दिया है।

भारत पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वित्तीय वर्ष में डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये में कुछ गिरावट आई है। मंगलवार को एक डॉलर की कीमत 282.2 पाकिस्तानी रुपये के बराबर थी।

सिंधु जल समझौते स्थगित होने से बौखला उठा पाकिस्तान

वहीं,पाकिस्तानी सांसद सैयद अली जफर ने कुछ दिनों पहले सिंधु जल समझौते को लेकर बेचैनी दिखाई थी। उन्होंने कहा था कि अगर संकट का समाधान नहीं किया गया तो बड़ी आबादी भूख से मर सकती है। सिंधु बेसिन हमारी जीवन रेखा है। हमारा तीन-चौथाई पानी देश के बाहर से आता है। हर दस लोगों में से नौ लोग अंतरराष्ट्रीय सीमा बेसिनों पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।


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