

बातचीत में संदेह हुआ, सख्ती पर उगला सच

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि देहरादून में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के रहने की सूचना मिली थी। इस पर सत्यापन अभियान चलाया गया। शनिवार को एलआईयू देहरादून, एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा थाना पटेलनगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पूजा विहार चंद्रबनी में दो संदिग्ध महिलाएं पकड़ी गईं। बातचीत में दोनों के बांग्लादेशी होने का संदेह हुआ, दोनों सही से हिंदी नहीं बोल पा रहीं थी। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो महिलाओं ने बताया कि वो बांग्लादेशी नागरिक हैं।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
बंगाल के दलाल ने बॉर्डर पार कराया
दोनों की पहचान यास्मीन पुत्री मोहम्मद तोहिद मियां निवासी सिलहट बांग्लादेश, राशिदा बेगम पुत्री मौहम्मद उल्ला निवासी चटग्राम बांग्लादेश के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वो करीब सात महीने पहले भारत में आई थीं। पश्चिम बंगाल के एक एजेंट ने उन्हें बांग्लादेशी बॉर्डर से भारत में प्रवेश कराया था।
दोनों के कब्जे से बांग्लादेशी परिचय पत्र और परिवार रजिस्टर का विवरण प्राप्त किया गया है। एसएसपी ने बताया कि दोनों अवैध बाग्लादेशी महिलाओं को नियमानुसार बाग्लादेश डिपोर्ट किये जाने के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अब तक पांच बांग्लादेशी नागरिक पकड़े
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आपेरशन कालनेमि के तहत देहरादून में अभी तक अवैध रूप से निवास कर रहे पांच बाग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया गया है। वहीं सात बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।




